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'चैटिंग से सेटिंग' का ये खेल आपको हैरान कर देगा, ऑनलाइन ठगी करने वाले चार बदमाश गिरफ्तार

Tue, 19 Jun 2018 09:50 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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ठगी के आरोपियों के साथ पुलिस, जानकारी देते एसएसपी अशोक त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला
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यूपी में इटावा पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के चार बदमाशों को रामनगर फाटक के पास से दबोचा है। गिरफ्तार बदमाशों में तीन आगरा और एक इटावा का है। बदमाशों ने अब तक 60 लाख रुपये ठगी करने की बात स्वीकारी है। पुलिस को साथियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। 
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पुलिस लाइन के सभागार में मंगलवार को एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया के कुछ दिनों से खबर मिल रही थी कि कुछ लोग महाराष्ट्र, गुजरात व अन्य प्रांतों के साप्ताहिक व दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करा रहे हैं। काल करने वाले लोगों से सोशल साइट पर चैटिंग कर उन्हें फंसाकर खाते में रुपये डलवा रहे हैं। इसमें अधिकतर शिकार कालेज के छात्र-छात्राएं हो रहे हैं। जांच में पता चला कि यह गिरोह इटावा में भी सक्रिय है।

उन्होंने गिरोह का पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच के अलावा सिविल लाइन थाना पुलिस को लगाया था। मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच निरीक्षक जीवाराम यादव व सर्विलांस प्रभारी लाल सिंह ने ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को सोमवार शाम रामनगर फाटक के पास से दबोच लिया। वे वैन से भागने की फिराक में थे। इसके पास से तीन मोबाइल, एक टेबलेट और 1650 रुपये बरामद हुए हैं। 
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सिपाहियाें से ठगी के बाद पुलिस हुई सक्रिय

डेमाे पिक
पकडे़ गए लोगों ने अपने नाम अजीत कुमार पुत्र राम दास, कल्याण पुत्र जसराम राजपूत, सोनू पुत्र उदय वीर सिंह राजपूत निवासी तड़हेता, थाना जैतपुर, आगरा और इटावा के जाखन निवासी विजय सिंह पुत्र श्रीकृष्ण राजपूत बताया है। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वह लोग फोन व विज्ञापन के जरिए लोगों को लड़कियों को फंसाते थे। इसके बाद सोशल साइट पर चेटिंग कर उन्हें झांसा देकर रुपये वसूलते थे। लड़कों को फंसाने के लिए लड़की की आवाज में बातें करते थे। इसके लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे। इन लोगों ने लोगों से अब तक 60 लाख रुपये ठगने की बात स्वीकारी है। पुलिस ने पकड़े गए लोगों को जेल भेज दिया है।  


सिपाहियाें से ठगी के बाद पुलिस हुई सक्रिय
पुलिस लाइन के अलावा क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही भी इनकी ठगी का शिकार हुए। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही आशीष कुमार व अपराध शाखा में तैनात सिपाही रविंद्र सिंह के मोबाइल पर दो मोबाइल नंबरों से फोन आए। उन्होंने झांसा देकर अपने खाते में पांच-पांच हजार रुपया डलवा लिए थे। सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। 

अहमदाबाद जाने के बाद शुरू किया ठगी का धंधा
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वे लोग काम की तलाश में अहमदाबाद गए थे। वहां कुछ लोगों ने उन्हें ठगी का काम सिखया। पहले उन लोगों गुजरात में काम किया। बाद में साथियों के साथ उत्तर प्रदेश आ गए। 
 
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