कानपुर। लगातार बारिश से गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 111.15 मीटर है। मंगलवार देर रात बिठूूर स्थित ब्रह्मवर्त खूंटी डूब गई। खूंटी का डूबना अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है लेकिन साथ ही कटरी के इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाता है। इस बीच गंगा में कटान भी शुरू हो गया है। आशंका है कि अगले कुछ दिनों में अगर इसी तरह से जलस्तर बढ़ा तो कटरी के सब्जी के खेतों और अमरूद के बगीचों में पानी घुसने लगेगा।
मंगलवार को गंगा बैराज पर जलस्तर 113.050 मीटर था जबकि चेतावनी बिंदु 114 और खतरे के निशान 115 मीटर है। मंगलवार को नरौरा से 80447 और हरिद्वार से 14397 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस पर बैराज के सभी 30 गेट खोल कर 1.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह ने बताया कि अभी गंगा चेतावनी व खतरे के निशान से दूर है। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। कटरी से सटे इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।
अटल घाट की सीढि़यों तक पानी: अटल घाट की तीन सीढि़यां भी डूब गई हैं। सैलानियों के लिए बनाया गया पाइंट भी लबालब भर गया है।