गंगा को मैली करने के लिए जिम्मेदार कानपुर के टेनरी संचालक को यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की स्पेशल कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दो लाख का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही टेनरी बंद रखने का आदेश भी दिया गया है। ऐसे ही मामलों में चार टेनरी मालिकों को एक साल पहले सजा सुनाई जा चुकी है।
23 जनवरी 2009 को स्पेशल कोर्ट में मैसर्स रोशन एंड कंपनी, भल्ला स्टेट, कानपुर के खिलाफ बिना अनुमति लिए टेनरी चलाने का केस दायर हुआ था। टेनरी को अवैध रूप से संचालित करते हुए प्रदूषित औद्योगिक उत्प्रवाह मानकों के विरुद्ध गंगा नदी में प्रवाहित होते हुए पाया गया।
कोर्ट ने टेनरी बंद करने का आदेश दिया था तो डीएम कानपुर ने टेनरी को सील करा दिया। इस कार्रवाई के बाद निरीक्षण में मैसर्स रोशन एंड कंपनी के मालिक शौकत अली को जिला प्रशासन द्वारा लगायी गई सील तोड़कर दुबारा संचालन करते हुए पाया गया। 20 जुलाई 2016 को वाद की सुनवाई के समय शौकत अली पर गंगा नदी को प्रदूषित करने का दोष सिद्ध पाया गया।
इसके बाद स्पेशल कोर्ट ने मैसर्स रोशन एंड कंपनी पर धारा 41 में एक लाख और धारा 42 में भी एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इन दोनों धाराओं में दो-दो साल की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर सजा एक महीने और बढ़ जाएगी। इससे पहले जाजमऊ की चार और टेनरियों को इसी अपराध में सजा हो चुकी है।