कानपुर। दादा मियां चौराहे पर सोमवार रात गंगा-जमुनी तहजीब का नजारा दिखा। यहां वर्षों से चली आ रही परंपरा को सभी ने साैहार्दपूर्ण माहाैल में मिलकर निभाया और दिवाली मनाई। मुस्लिमों ने दीये जलाए तो हिंदुओं ने गले लगाकर उन्हें मुबारकबाद दी। चाैराहे पर हर साल सद्भाव के दीपक जलाए जाते हैं।
दादा मियां चौराहा स्थित स्थानीय निवासी मुंशीराम के आवास को स्थानीय निवासियों, दुकानदारों ने दीयों से रोशन किया। इस दाैरान हर किसी के दिल में मोहब्बत उमड़ी और गले लगकर उसे बयां किया। दीये जलाने के बाद लोगों ने आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की। मुस्तफा तारिक ने बताया कि इस बार भव्य आयोजन हुआ। सभी ने मिलजुलकर त्योहार मनाया। राम बालक, मुंशीराम, इदरीस अहमद, अब्दुल अजीज की परंपरा को आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने बताया कि मुंशीराम के बेटे विजय भाटिया फ्लाइट लेट होने के चलते से जालंधर से समय से नहीं पहुंच सके। हालांकि बाद में उन्होंने सभी से मुलाकात की। यहां पर पम्मी गुप्ता, संजू बाजपेई, मो. इरफान अंसारी, मो. सलीम, मो. नसीर, जाकिर हसन, शाहिद अजीम, डॉ. इकबाल अख्तर, हाजी अब्दुल हई, दानिश आदि रहे।