रोडवेज बस से होती थी दवाओं की सप्लाई
एडीसीपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि पिंटू रोडवेज के जरिये लखनऊ से दवा लाकर आसिफ को देता था। क्राइम ब्रांच की टीम लखनऊ पुलिस की मदद से गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है। इन दवाओं की सप्लाई गोंडा, बहराइच, बलरामपुर समेत अन्य जिलों में भी थी।
नशे में होता है प्रयोग
नाइट्रावेट नशे की गोली है। डॉक्टरों की सलाह पर ही यह मिलती है। वहीं जिफी में साल्ट की जगह चॉक भरी हुई थी। एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने जिन मेडिकल स्टोर पर दवाओं की सप्लाई की है, उन्हेें भी चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नकली और नशीली दवाओं की सप्लाई का नेटवर्क कई जिलोें में फैला हुआ है। क्राइम ब्रांच की टीम गैंग के सभी सदस्यों की तलाश में जुटी है। - दीपक भूकर, एडीसीपी क्राइम