मां मंदाकिनी शांत हैं। किनारे पर अजीब सा सन्नाटा है। बीच धारा में किशोरी से हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना से मंदाकिनी मानो सदमे में है। संत-महंतों ने भी इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि मां मंदाकिनी के आंचल को मैला करने वाले दुष्कर्मियों को परलोक में भी इसकी सजा भुगतनी होगी। उन्होंने आस्था को कलंकित करने का पाप किया है। उनकी आत्मा को चैन नहीं मिलेगा।
भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास कहते हैं कि ऐसे पापियों को इतनी कड़ी सजा मिलनी चाहिए कि दूसरा कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके। मंदाकिनी तो हमेशा पापियों के पाप धोती हैं। सबका कल्याण करती हैं। कोई सोच भी नहीं सकता कि यहां ऐसी घटना हो सकती है। जानकी महल के महंत सीताशरण दास ने कहा कि जो घटना हुई, उससे सभी शर्मसार हैं। ऐसे पापियों का कभी कल्याण नहीं होगा। मां मंदाकिनी हमेशा मोक्ष देने का काम करती हैं। इन पापियों ने आस्था पर गहरा आघात किया है।
फलाहरी आश्रम के महंत रामप्यारे दास ने कहा कि पुलिस को इस पर खास ध्यान देना होगा। नौका चलाने वालों के पंजीयन और कार्ड के अलावा संचालन का समय निर्धारित करना चाहिए। मंदाकिनी नदी को अपवित्र करने वालों को कड़ी सजा ही मिलनी चाहिए।
नाविकों की करतूत की सब जगह चर्चा...श्रद्धालु पहुंचे कम
रविवार को रामघाट से लेकर भरतघाट पर आम दिनों की अपेक्षा कम श्रद्धालुु दिखे। हर जगह नाविकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की चर्चा रही। लखनऊ से परिवार समेत चित्रकूट दर्शन करने आए श्यामसुंदर तिवारी ने बताया कि जब वह भरतघाट की एक दुकान पर चाय पी रहे थे तभी यह चर्चा सुनी। इसके बाद वह बिना नौका विहार किए परिवार समेत लौट आए। झांसी की सुनिधि चौरसिया ने कहा कि इस घटना की मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली। ऐसी घटनाओं से बहुत डर लगता है। अब कोई कैसे नाविकों पर भरोसा करेगा। आस्था से खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा दी जाए ताकि और कोई ऐसा करने की सोच भी न सके।
अब पुलिस करेगी सख्ती
चित्रकूट नयागांव थाना सर्किल के सीओ आशीष जैन ने कहा कि सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं। नौका संचालन वालों के पंजीयन व पहचान पत्र की नियमित समय पर जांच होगी। नाव चलाने के लिए समय का निर्धारण भी होगा। नगर पंचायत से पूरी सूची मांगी गई है। नदी किनारे पुलिस गश्त दिन रात कराई जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षा की भावना रहे।