कानपुर। होटल नेगी ग्रैंड के संचालक गजेंद्र सिंह नेगी पर धोखाधड़ी, जबरन वसूली, मारपीट के मामले में नौवीं रिपोर्ट दर्ज हुई है। इंद्रपुरी शारदानगर निवासी अधिवक्ता शिरीष दीवान की तहरीर पर रावतपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। एफआईआर में गजेंद्र के पांच-छह साथी भी शामिल हैं।
रावतपुर थाने में शिरीष दीवान ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि गजेंद्र सिंह नेगी से उनकी मुलाकात वर्ष 2008 में हुई थी। 2016 में गजेंद्र ने उन्हें कॉमर्शियल और रेजीडेंशियल प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। कहा कि 19 लाख रुपये में ऑफिस बुक करा लो। इस पर शिरीष ने छह लाख रुपये का चेक दिया और शेष 13 लाख रुपये रजिस्ट्री के समय देने का तय हुआ। इसके बाद उन्हें न कब्जा मिला और न ही रजिस्ट्री कराई गई। मार्च 2025 तक गजेंद्र रजिस्ट्री कराने का कहने पर टाल मटोल करता रहा। मार्च में जब वह कार्यालय देखने पहुंचे तो वहां अन्य व्यक्ति निर्माण करा रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि यह जगह नेगी ने उन्हें बेच दी है।
आरोप है कि उन्होंने बाद में जब गजेंद्र सिंह नेगी से बैनामे की बात कही तो उसने साफ इंकार कर दिया। कहा कि व्यवसाय करना है तो 20 लाख रुपये और हर महीने 50 हजार रुपये की रंगदारी देनी पड़ेगी। उन्होंने जब छह लाख रुपये वापस मांगे तो आरोपी भड़क गया और आरोपी ने पांच-छह साथियों के साथ उनसे गालीगलौज कर मारपीट कर की। असलहा तानकर जान से मारने की धमकी दी। रावतपुर इंस्पेक्टर केके मिश्रा ने बताया कि गजेंद्र सिंह नेगी के खिलाफ नौवीं रिपोर्ट दर्ज हुई है। आरोपी की तलाश चल रही है।