कानपुर देहात। जिले में एक तरह का काम करने वाली महिलाओं को संगठित कर एनआरएलएम विभाग की तरफ से 66 उत्पादक समूह तैयार किए गए हैं। इन्हें साथ मिलकर काम शुरू करने के लिए प्रति समूह के हिसाब से 1.5 लाख रुपये भी प्रदान किए जाने हैं, लेकिन इनमें से 54 को धनराशि मिल सकी, जबकि 12 को योजना के तहत रुपये न मिलने से कारोबार शुरू करने में समस्या हो रही है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद में 10212 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब 112477 महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही है। एनआरएलएम विभाग ने इन समूहों से संपर्क कर एक जैसा काम करने वाल महिलाओं को संगठित किया और उत्पादक समूह तैयार किया। इसका उद्देश्य एक जैसा काम करने वाली महिलाओं को साथ मिलकर कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित करना था। जिससे वह बड़े स्तर पर काम कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान ने बताया कि अलग-अलग समूहों से जुड़ी महिलाएं छोटे स्तर पर काम कर आजीविका चला रही थीं। इन्हें योजना के तहत संगठित कर साथ मिलकर काम करने के लिए प्रेरित किया गया। मार्च में शासन से मिले 81 लाख रुपये की धनराशि को प्रति उत्पादक समूह के हिसाब से 1.5 रुपये आवंटित करते हुए समूह के खाते में स्थानांतरित किया जा चुका है। शेष 12 समूह की सूची मिशन को भेजी गई है। धनराशि प्राप्त होती ही वितरित की जाएगी।
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बयान-
जनपद में 66 उत्पादक समूह तैयार किए गए हैं, इनमें से 54 के खाते में शासन प्राप्त धनराशि को स्थानांतरित किया जा चुका है। शेष के लिए पत्राचार किया गया है। धनराशि प्राप्त होते ही उसका वितरण किया जाएगा। - अशोक कुमार, उपायुक्त, एनआरएलएम