नगर निगम में हुए करोड़ों रुपये के फंड घोटाले मामले में पुलिस को आरोपी कर्मचारी नरेंद्र बहादुर की सेवा पुस्तिका गायब मिली है। इस वजह से आरोपी की फोटो पुलिस को नहीं मिल सकी है। नगर निगम पहुंची पुलिस ने कार्मिक और केयरटेकर विभाग से पूछताछ की है। इसी मामले में दूसरा कर्मचारी जेल में है।
नगर निगम के कंप्यूटर विभाग में तैनात बाबू अनिल सचान और स्वास्थ्य विभाग में तैनात बाबू नरेंद्र बहादुर निगम ने मिलकर कई साल तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों खासकर सफाई कर्मचारियों के फंड आदि के करोड़ों रुपये का घोटाला किया। 2011 में इसका खुलासा हुआ।
तत्कालीन नगर आयुक्त ने दोनों बाबुओं को निलंबित करने के साथ ही स्वरूप नगर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। पुलिस इस मामले की विवेचना कर रही है।
स्वरूप नगर थानाध्यक्ष के अनुसार अनिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि नरेंद्र बहादुर निगम फरार है। वह नगर निगम में भी नहीं आ रहा है।
उसी की तलाश में नगर निगम मुख्यालय जाकर कार्मिक और केयरटेकर विभाग में पूछताछ की गई। कार्मिक विभाग में उसकी सेवा पुस्तिका भी नहीं मिली।
बताया गया कि उस समय कार्मिक में तैनात रहे एवं मौजूदा समय में मार्ग प्रकाश विभाग में तैनात बाबू बुद्धि प्रकाश को सेवा पुस्तिका की जानकारी होनी चाहिए, पर विभाग से मिलाने पर उनका मोबाइल स्विच आफ आता रहा।