कानपुर देहात। जनपद में जल जीवन मिशन के तहत पूरी हो चुकी 160 पेयजल योजनाओं के लंबित बजट का भुगतान इसी माह कर दिया जाएगा। 31 अक्तूबर तक भुगतान पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यदायी संस्थाओं को बकाया रकम मिलने से रुकी हुई अन्य पेयजल योजनाओं के काम में भी तेजी आने की उम्मीद है।
जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए 2022 में कार्यक्रम शुरू हुआ था। जिले में चार कार्यदायी संस्थाओं को करीब 10 अरब से 498 पेयजल योजनाएं बनाने की जिम्मेदारी दी गई। करीब ढाई साल तक बजट जारी न होने से योजनाओं के काम की गति प्रभावित रही।
बाद में योजना की अवधि पहले 2024 और अब 2028 तक बढ़ाई गई। मौजूदा समय में 407 पेयजल योजनाओं से जलापूर्ति की जा रही है। इनमें 290 योजनाएं कार्यदायी संस्थाओं को 10 साल के संचालन के लिए हस्तगत की जा चुकी हैं।
केंद्र सरकार की व्यापक कार्यान्वयन एवं सुधार योजना के तहत जिले में पूरी हो चुकी 160 योजनाओं के वित्तीय समापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। आईएचपी और जीवीपीआर का करीब 25 फीसदी, एससीएल का 40 फीसदी और वीटीएल का 35 फीसदी बजट अभी भुगतान होना बाकी है। शासन की ओर से भुगतान होते ही कार्यदायी संस्थाओं के लंबित कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
शासन की ओर से पूरी हो चुकी पेयजल योजनाओं का वित्तीय समापन किया जाना है। इसके लिए 31 अक्तूबर तक भुगतान का लक्ष्य रखा गया है। कार्यदायी संस्थाओं ने लंबित बिल प्रस्तुत कर दिए हैं। जिन योजनाओं में काम सुस्त है, वहां भी फोकस किया जा रहा है।
- टीआर कटारिया, एक्सईएन जल निगम ग्रामीण
कार्यदायी संस्थावार पूरी हो चुकी पेयजल योजनाओं पर एक नजर
कार्यदायी संस्था - पूरी हो चुकी पेयजल योजनाएं
जीवीपीआर - 78
आईएचपी - 61
एससीएल - 19
वीटीएल - 02
कुल -160
फोटो-1- अकबरपुर ब्लॉक के अंदाया में रुका पेयजल टंकी का काम। संवाद
91 पेयजल योजनाओं की टंकियां अधूरी, 45 हजार घरों में जलापूर्ति अटकी
कानपुर देहात। जल जीवन मिशन के तहत जिले में 91 पेयजल योजनाओं की टंकियां अभी अधूरी हैं। कई स्थानों पर काम रुका होने के कारण करीब 45 हजार घरों में जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
अकबरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अंदाया में बन रही पानी की टंकी का निर्माण अधूरा है। इससे अंदाया, दम्मुपुरवा और इकघरा में पेयजल किल्लत बनी हुई है। वहीं झींझक ब्लॉक के सबलपुर और सरवनखेड़ा ब्लॉक के कोरारी में भी टंकियों का काम पूरा नहीं हुआ है।
कार्यदायी संस्था वार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक एससीएल की 69 टंकियां अधूरी हैं। वीटीएल की 21, जबकि जीवीपीआर और आईएचपी की एक-एक टंकी का निर्माण बाकी है। एक्सईएन टीआर कटारिया ने बताया कि अधूरी टंकियों का काम तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ योजनाओं में काम जल्द पूरा होने की उम्मीद है।