खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ मुकदमें दर्ज कराना शुरू कर दिया है। इसलिए अभी तक आपने लाइसेंस नहीं बनवाया है तो जल्द आवेदन कर दें। बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थ बेचते पकड़े जाने पर छह माह तक की कैद और पांच लाख रुपए तक जुर्माना लगेगा।
फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने किसी भी तरह की कोई खाद्य सामग्री बेचने के लिए दुकानदार को लाइसेंस बनवाना अनिवार्य किया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन अभिहीत अधिकारी, कानपुर के सय्यद शाहनवाज हैदर आबिदी ने बताया कि बिना लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति खाद्य सामग्री बेचते मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अभी तक कुछ लोग बिना लाइसेंस या पंजीकरण के खाद्य पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं। विभाग ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान चालू कर दिया है। इसलिए जल्द से जल्द लाइसेंस बनवा लें।
ये है लाइसेंस की फीस
डेमो पिक
-12 लाख रुपए तक सालाना टर्न ओवर पर सौ रुपए वार्षिक लाइसेंस फीस पड़ेगी
-थोक और फुटकर बिक्री पर 12 लाख रुपये वार्षिक से ज्यादा टर्न ओवर पर दो हजार रुपये सालाना
-किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ के प्रति दिन एक मीट्रिक टन उत्पादन पर तीन हजार रुपये वार्षिक
-किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ के प्रति दिन दो मीट्रिक टन उत्पादन पर पांच हजार रुपये वार्षिक
ये कागज लगाने होंगे
डेमो पिक
लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले को अपनी दो फोटो, निवास का प्रूफ जैसे वोटर आईडी, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, संबंधित लाइसेंस के लिए कोषागार में जमा फीस की रसीद लगानी होगी। अगर ठेलिया लगाने वाला है या सब्जी मंडी आदि में जमीन पर सब्जी लगाने वाला है तो उसे स्थान बताते हुए स्वंय प्रमाणित करते हुए अर्जी देनी होगी। अगर कोई खाद्य उत्पादन करने की फैक्ट्री या अन्य तरह से कहीं उत्पादन करता है तो उसे वहां की जमीन के मालिकाना हक, किराएदारी या कब्जे के सबूत देने होंगे।