हरदोई। शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भदैचा में अनुसूचित जाति के युवक को जलाकर मारने के मामले की जांच तेज हो गई है। मामले में नामजद पांच लोगों में से तीन को जेल भेजे जाने के बाद मौके से एकत्र की गई छह वस्तुओं को लखनऊ एफएसएल जांच के लिए भेजने की तैयारी है। इससे पुलिस की जांच को नई दिशा मिलेगी।
शनिवार रात ग्राम भदैचा निवासी मोनू (22) पुत्र मिथिलेश को गांव में ही राधे के घर में कमरे में बंद कर पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। घटना में गंभीर रूप से झुलसे मोनू की मौत रविवार शाम लखनऊ ले जाते समय हो गई थी। पुलिस ने मोनू के चाचा की तहरीर पर गांव निवासी राधे गुप्ता, उसकी पत्नी डाली गुप्ता, गोद ली हुई पुत्री शिवानी गुप्ता समेत पांच लोगों पर बलवा, अनुसूचित जाति उत्पीड़न, मारपीट आदि की धाराओं में रिपोर्ट रविवार सुबह ही दर्ज की थी। रविवार शाम मोनू की मौत होने पर मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया था। मामले में आरोपी राधे गुप्ता, डाली गुप्ता और शिवानी गुप्ता को पुलिस हत्या के आरोप में जेल भेज चुकी है। पूरे मामले की विवेचना कर रहे सीओ सिटी विजय कुमार राना ने बताया कि मौके से फील्ड यूनिट की टीम ने छह अलग-अलग वस्तुओं को कब्जे में लिया है। इसको जांच के लिए एफएसएल लखनऊ भेजा जा रहा है। लैब की जांच आख्या मिलने के बाद विवेचना में और तेजी आ जाएगी। सीओ ने बताया कि तहरीर के आधार पर ही रिपोर्ट लिखी गई है, लेकिन विवेचना कई बिंदुओं पर हो रही है।
बयानों ने पुलिस को उलझाया
घटना को लेकर आ रहे बयानों से पुलिस उलझ गई है। सूत्रों के अनुसार मौत से पहले मोनू ने जो बयान दिए थे, उसमें कहा था कि गांव जाते समय घटना हुई। उधर दूसरी ओर मृतक के चाचा ने घटना रात साढ़े आठ बजे की ही होने की बात पुलिस से कही है। लेकिन तहरीर में रात डेढ़ बजे घटना का जिक्र है। इसी तरह प्रेम प्रसंग को लेकर भी पुलिस के पास पुख्ता सबूत हैं। विवेचना अधिकारी विजय कुमार राना का कहना है कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। घटना हुई है, लेकिन इसकी वजह आगे की जांच में स्पष्ट होगी।
मायावती और रणदीप सुरजेवाला ने घटना को लेकर किया ट्वीट
अनुसूचित जाति के युवक को जिंदा जलाने की घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट किया है कि उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में प्रेम प्रसंग को लेकर एक जाति के नाम पर दलित युवक को जिंदा जला देना, अति क्रूर और निंदनीय है। सरकार इसके दोषियों को तुरंत सख्त सजा दिलाए, ताकि प्रदेश में आगे ऐसी पुनरावृत्ति न हो। बीएसपी की यह मांग है।
उधर दूसरी ओर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने हरदोई जनपद का उल्लेख किए बिना कहा कि भाजपा राज में एक और दलित को जिंदा जलाया, अमानवीय व शर्मनाक। साथ ही लिखा है कि उतर प्रदेश में राजनीतिक मकसद हासिल करने के लिए सामाजिक ताने-बाने पर प्रहार हो रहा है। राजनीतिक रोटियां सेंकने वाला सत्ता पक्ष चुप है। उत्तर प्रदेश में न महिलाएं सुरक्षित, न दलित और न ही पिछड़े।