हरदोई। शहर के मोहल्ला नुमाइशपुरवा में रविवार शाम मंदिर में मूर्ति खंडित किए जाने के मामले में भाजपा से निलंबित केंद्रीय उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष डॉ. अरुण मौर्या की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है। राष्ट्रीय हिंदू संघ के कार्यकर्ताओं ने बुधवार दोपहर डॉ. मौर्या के आवास के बाहर हंगामा कर ताला जड़ दिया और दीवारों पर काले पेंट से टिप्पणियां भी लिखीं। हंगामा होते देखकर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन देकर मामला शांत किया।
मूर्ति खंडित किए जाने के मामले में डॉ. अरुण मौर्या सहित तीन लोगों को नामजद कर 250 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटना में नामजद राजेंद्र प्रताप और सर्वेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। नामजद आरोपियों में डॉ. अरुण मौर्या की गिरफ्तारी बाकी है। राष्ट्रीय हिंदू संघ के कार्यकर्ताओं ने बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे कैनाल रोड स्थित डॉ. अरुण मौर्या के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया। डॉ. अरुण की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर उनके आवास पर ताला डाल दिया।
संघ के प्रदेश महासचिव अनुराग द्विवेदी अन्नू ने बताया कि अगर जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह लोग बड़ा आंदोलन करेंगे। इस मौके पर गुंजन त्रिपाठी, सिद्धार्थ ठाकुर, अंकित वाजपेयी, विशू अग्निहोत्री, आशीष मिश्रा, अभी अग्निहोत्री, छोटू बनिया, प्रांजल शुक्ला, शुभम त्रिवेदी, आदित्य त्रिवेदी, प्रशांत मिश्रा, प्रशांत वाजपेयी आदि मौजूद रहे।
‘साक्ष्य मिले तो सजा भोगने को तैयार’
केंद्रीय उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष डॉ. अरुण मौर्या ने कहा कि मूर्ति खंडित किए जाने से उनका लेना देना नहीं है। जिसने रिपोर्ट दर्ज कराई है, वह मौके पर मौजूद नहीं था। जांच हो जाने दें और अगर कोई साक्ष्य मिले तो वह सजा भोगने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मौके पर खंडित हुई मूर्ति को दोबारा स्थापित किए जाने की बात तय हुई थी, लेकिन पितृ पक्ष के बाद इस पर कार्य तय हुआ था। डॉ. मौर्या ने कहा कि जिसने भी गलती की है, उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने अपने नर्सिंग होम में तोड़फोड़ का प्रयास करने की बात भी कही।