नए साल से कानपुर से दिल्ली के बीच ट्रेन का सफर आसान हो जाएगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर(डीएफसी) का 280 किमी. का ट्रैक तैयार है और 29 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्मय से उद्घाटन करेंगे। इसके बाद मालगाड़ियां बुलंदशहर के खुर्जा से कानपुर देहात के भाऊपर तक इसी ट्रैक पर चलेंगी। जिससे दिल्ली-हावड़ा रूट पर दिल्ली से कानपुर तक के हिस्से में ट्रैफिक लोड काफी कम हो जाएगा।
रोज गुजरती हैं 100 मालगाड़ियां
कोरोना काल में इन दिनों रोजाना 50 मालगाड़ियां इस रूट पर चल रही हैं। सामान्य दिनों में करीब 100 गाड़ियां रोजाना गुजरती हैं, इससे यात्री ट्रेनों को सिग्नल आसानी से नहीं मिल पाता है और उनकी या तो रफ्तार घटा दी जाती है या उन्हें कहीं रोकना पड़ता है। अब मालगाड़ियों का लोड कम होने से यात्री ट्रेनों को आसानी होगी। दिल्ली से कानपुर के बीच इस समय करीब सवा सौ ट्रेनों का संचालन हो रहा है। आम दिनों में करीब 400 ट्रेनें चलती हैं।
यात्रियों और व्यापारियों को फायदा
अलग ट्रैक पर चलने से मालगाड़ियों की स्पीड भी बढ़ जाएगी। करीब 100 किमी. प्रति घंटे तक चलने लगेंगी। इससे मालगाड़ियां कम समय में भाड़ा एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाएंगी। देर होने से व्यापारियों को होने वाला नुकसान नहीं होगा और रेलवे का राजस्व भी बढ़ेगा।