कानपुरः स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रघुराज सिंह (98) का रविवार तड़के केशवपुरम के ब्लाक स्थित आवास पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके अंतिम दर्शन के बाद परिजन शव को गांव ले गए, जहां भीड़ उमड़ पड़ी। एसडीएम की मौजूदगी में गार्ड आफ ऑनर देकर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मूल रूप से देहात के मंगलपुर कस्बे के पल्हनापुर गांव के निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रघुराज सिंह अपने पौत्र शैलेंद्र के साथ केशवपुरम स्थित अपने आवास में रह रहे थे। शैलेंद्र ने बताया तड़के 4 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा। परिजन उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक, जेल भरो आंदोलन में अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें अगस्त 1941 में जेल भेज दिया था। उन्हें 8 माह 24 दिन बहराइच जेल में रखा गया था।
जेल में जुल्म का विरोध करने पर उन्हें एक माह तन्हाई बैरक में डाल दिया गया था। इसके बाद लखनऊ और कानपुर की जेल में बंद रखा गया। मई 1943 में अंग्रेजों ने उन्हें रिहा कर दिया था। उनके बेटे ब्रह्मदेव सिंह ने बताया कि रिहा होने के बाद 1944 में वह बेसिक शिक्षा परिषद में शिक्षक पद पर नियुक्ति हो गए। निधन की सूचना पर उनके आवास पहुंचे एसीएम छह हरिशचंद्र सिंह, कल्याणपुर सीओ राजेश पांडेय, कल्याणपुर इंस्पेक्टर सतीश सिंह, चौकी इंचार्ज, विधायक निलिमा कटियार की मौजूदगी में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान पूर्व विधायक सतीश निगम, पूर्व पाषर्द कौशल मिश्रा, विमल अग्निहोत्री, नीरज त्रिपाठी ने उन्हें भावभीनी श्रद्घांजलि दी।
दोपहर में उनका शव पल्हनापुर गांव ले जाया गया। एसडीएम अकबरपुर आनंद कुमार सिंह, तहसीलदार अकबरपुर ऋषिकांत राजवंशी, एसडीएम सिकंदरा विजेता, सीओ रसूलाबाद रामकृष्ण, तहसीलदार सिकंदरा संजय कुमार, थानाध्यक्ष मंगलपुर तुलसीराम पांडे, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि झींझक विपिन कुमार शर्मा ने उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। पुलिस के जवानों ने गार्ड आफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। गांव में ही उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पौत्र शैलेंद्र ने उन्हें मुखाग्नि दी।