कानपुर की 212 वीं वर्षगांठ पर रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, अमर उजाला फाउंडेशन और यूपीएसआईडीसी की तरफ से आयोजित दुनिया के सबसे बड़े फ्री हेल्थ चेकअप कैंप में प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अरविंद कुमार के आह्वान पर शहर के प्रमुख प्राइवेट डॉक्टर्स ने अनूठी पहल करते हुए अपने नर्सिंगहोम, क्लीनिक या सरकारी अस्पताल में महीने में एक बार मरीजों का फ्री इलाज करने का संकल्प लिया है।
इस मौके पर आईएमए कानपुर ने ऐलान किया कि वह अपने सभी मेंबर्स को एसएमएस और सरकुलर जारी कर ऐसा करने के लिए स्वीकृति मांगेंगे और प्रेरित भी करेंगे। फिलहाल करीब 20 प्राइवेट डॉक्टर्स ने सहमति दे दी है। ये डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को फ्री में देखेंगे।
मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अरविंद कुमार ने बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, बेनाझाबर में दुनिया के सबसे बड़े फ्री हेल्थ चेकअप कैंप का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि चिकित्सा सुविधाओं में सरकार ने बजट बढ़ाया है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दवाएं भी फ्री मिल रही हैं।
आज सबसे बड़ी चुनौती है कि स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की सेवाएं मरीजों को कैसे मिलें? सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की कमी है। उन्होंने आईएमए प्रेसीडेंट से अनुरोध किया कि स्पेशलिस्ट प्राइवेट डॉक्टरों की सरकारी अस्पतालों में जाकर मरीज देखने की अनूठी पहल को और मजबूत करें।
कोशिश करें कि यह रिश्ता टूटने न पाए बल्कि और मजबूत हो। प्रमुख सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स को सरकारी अस्पतालों में कांट्रेक्ट पर रखने के लिए विज्ञापन दिए लेकिन किसी के पास इतना समय नहीं है कि वह स्थाई रूप से हमारे साथ जुड़ें क्योंकि उनकी प्राइवेट प्रैक्टिस अच्छी चल रही है।
यदि स्पेशलिस्ट डॉक्टर इतना ही कर दें कि हफ्ते में दो घंटे, तीन घंटे सरकारी अस्पतालों में समय दे दें तो हजारों मरीजों को बहुत लाभ हो सकता है। उन्होंने सीएमओ डॉ. आरपी यादव और सीएमएस से भी कहा कि वे डिलीवरी के लिए डॉक्टरों को इनपैनल्ड करें।
पता रहे कि कौन स्पेशलिस्ट किस दिन किस सरकारी अस्पताल में मौजूद रहेगा तो वे इसका लाभ ले सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए उन्हें भुगतान करने के लिए भी तैयार है लेकिन स्पेशलिस्ट डॉक्टर इसे अपनी कमाई का जरिया न बनाएं।
उन्होंने कहा कि यदि इस पहल में कानपुर लीड रोल अदा कर सके तो मानूंगा कि कानपुर आने का उद्देश्य सफल हो सका। उन्होंने ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ के प्रयासों को भी काफी सराहा और कहा कि रोगी की निशुल्क सेवा से बड़ा पुण्य कोई नहीं। ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ पहले से ही निशक्तजन सेवा, रक्तदान जैसे सफल आयोजन करता रहा है।
इसके लिए जितनी तारीफ की जाए, कम है। आईएमए की अध्यक्ष डॉ. किरण पांडेय ने आईएमए की ओर से प्रमुख सचिव को आश्वासन दिया कि उनके स्पेशलिस्ट डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में जाकर मदद करेंगे।
डॉ. मधू लूम्बा ने तो स्टेज पर पहुंचकर ऐलान किया कि वह हर महीने के पहले रविवार को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक मरीजों को फ्री सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।
जीवनी हॉस्पिटल की डॉ. मीरा अग्निहोत्री ने प्रमुख सचिव से कहा कि वह जीवनी हॉस्पिटल में हर महीने पहले संडे को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक मरीजों को फ्री परामर्श देंगी।