कानपुर देहात/संदलपुर। मंगलपुर थाना क्षेत्र के कसोलर गांव में सरकारी मार्का लगी बोरियों में गेहूं खरीदने के मामले में नव निर्वाचित प्रधान समेत पांच लोगों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रविवार को तहसीलदार ने टीम ने छापामारी कर गेहूं की अवैध खरीद का खुलासा किया था। मौके से सरकारी मार्का लगी 152 बोरी गेहूं से भरी व 122 खाली बोरी बरामद हुई हैं।
कसोलर गांव में रविवार रात नव निर्वाचित प्रधान प्रदीप कुमार के घर के बाहर झींझक क्रय केंद्र की मार्का लगी बोरियों में गेहूं की तौल कराई जा रही थी। इसकी सूचना किसी ने एसडीएम सिकंदरा रमेश चंद्र को दी।
तहसीलदार लाल सिंह राजपूत व राजपुर के विपणन अधिकारी के मोबिन अहमद को पुलिस बल के साथ भेजा। टीम को मौके पर मार्का लगी गेहूं की भरी 152 बोरियों में 76 क्विंटल गेहूं बरामद हुआ है जबकि 122 खाली बोरी मिली हैं।
बोरियों को सिलने वाली मशीन, कांटा, तसला मिला। साथ ही बोरियों को ले जाने के लिए ट्रक खड़ा था। सभी को पुलिस ने कब्जे में लिया है।
विपणन अधिकारी मोबिन अहमद की तहरीर पर नव निर्वाचित प्रधान प्रदीप कुमार, उसके भाई दिलीप कुमार, चचेरे भाई महेंद्र कटियार, गल्ला व्यापारी सर्वेश दीक्षित, अवनीश दीक्षित के विरुद्ध धोखाधड़ी, सरकारी संपत्ति का दुुरुपयोग आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इंस्पेक्टर बीरपाल सिंह ने बताया कि विपणन निरीक्षक की तहरीर पर प्रधान समेत पांच लोगों पर धोखाधड़ी, सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग आदि की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
खरीद केंद्र से बोरियां लेकर गेहूं खरीद रहा था व्यापारी
कानपुर देहात। क्रय केंद्रों में गेहूं की तौल कराने के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं, क्रय केंद्र प्रभारी से सांठगांठ करने वाले व्यापारी सरकारी व्यवस्था का पूरी तरह से इस्तेमाल करके किसानों के घर में जाकर बाजार भाव में तौल करा रहे हैं। इसके बाद गांव से ही सीधे गेहूं सरकारी गोदाम भेज दिया जाता है।
तहसीलदार सिकंदरा लखनलाल राजपूत की टीम ने कसोलर गांव में छापामारी कर इसका खुलासा किया। झींझक क्षेत्र में कसोलर गांव के सर्वेश दीक्षित इसका भाई अनिल दीक्षित गल्ला व्यापारी हैं। दोनों इस समय गेहूं की खरीद कर रहे थे।
कसोलर गांव में मामला पकड़े जाने के बाद अब छानबीन की जा रही है कि व्यापारी ने कितने और किसानों से गेहूं की खरीद की है।
क्रय केंद्र प्रभारी की भूमिका होगी जांच
झींझक में खाद्य विभाग एवं रसद विभाग का क्रय केंद्र हैं। उसकी मार्का लगी बोरियां व्यापारियों के पास कैसे पहुचीं। इस पर केंद्र प्रभारी मृदुला यादव की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने इसकी जांच जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी को सौंपी है। रिपोर्ट के बाद क्रय केंद्र प्रभारी पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में कोटेदारों के घर तक राशन पहुंचाने वाले एक ठेकेदार की भी भूमिका सामने आ रही है।
लोगों में चर्चा है कि ठेकेदार ही व्यापारियों से क्रय केंद्र प्रभारी की सांठगांठ कराता है। उसे भी जांच में शामिल किया गया है।
प्रधान बोला, भाई ने किया था विरोध
प्रधान प्रदीप कुमार ने बताया कि भाई ने व्यापारी सर्वेश दीक्षित को गेहूं बेचा था। वह सरकारी मार्का लगी बोरी लेकर तौल कराने पहुंचा तो भाई ने इसका विरोध किया। इस पर व्यापारी ने झींझक स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र प्रभारी से बात कराई।
केंद्र प्रभारी के कहने पर उसने तौल शुरू कराई। इसकी सूचना किसी ने अधिकारियों को दे दी। प्रधान ने बताया कि व्यापारी बाजार भाव पर ही सौदा किया था। कहा कि चुनावी रंजिश में उसे फंसाया गया है।