पैसा निकालना चाहा, लेकिन नहीं निकाल सके
बता दें, पांडुनगर निवासी व्यवसायी गौरव बजाज से गोल्ड में निवेश के नाम पर साइबर ठगों ने नवंबर 2024 से लेकर मार्च 2025 तक करीब चार माह में विभिन्न बैंक खातों में 2 करोड़, 31 लाख, 85 हजार, 76 रुपये ट्रांसफर कराए। इस दौरान ठगों ने उन्हें विश्वास में लेने के लिए 5.14 लाख रुपये वापस भी किए। वॉलेट में अच्छी खासी धनराशि एकत्रित हो जाने के बाद उन्होंने पैसा निकालना चाहा, लेकिन नहीं निकाल सके।
700 खातों में पैसा जाने की हुई है जानकारी
इसके बाद उन्होंने साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि अब तक सेकेंड और थर्ड लेयर के करीब 700 खातों में पैसा जाने की जानकारी हुई है। संभव है कि जांच को उलझाने के लिए ही ऐसा किया गया हो। संबंधित बैंक खातों से सभी की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस जांच को कई बार बीच में ही ड्रॉप कर देती है
अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में कुछ खातों में रकम को पीड़ित से ट्रांसफर कराया जाता है। इसके बाद हर खाते से आगे के कई खातों या वॉलेट में उस रकम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर ट्रांसफर किया जाता है। कई बार यह लेयरिंग चार से पांच बैंक खातों तक होती है। इस प्रक्रिया की वजह से न सिर्फ जांच लंबी होती है, बल्कि खातों से आगे के खाते मिलने पर पुलिस जांच को कई बार बीच में ही ड्रॉप कर देती है।