समाजकल्याण विभाग पहुचीं निदेशालय की टीम
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समाज कल्याण विभाग की शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़े के मामले में लेखपाल और कानूनगो पर भी कार्रवाई तय है। शुक्रवार को इस मामले की जांच के लिए निदेशालय की टीम समाज कल्याण विभाग पहुचीं।
एसडीएम सदर दीपक पाल की जांच में 14 लेखपाल और छह कानूनगो के हस्ताक्षर अपात्रों के आवेदन पत्रों पर मिले हैं। अब इनके भी निलंबन की तैयारी चल रही है। एसडीएम ने लेखपालों-कानूनगो को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। एसडीएम 2533 अपात्रों को लाभ पहुंचाने के मामले में लेखपालों और कानूनगो की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
दोनों योजनाओं के फर्जीवाड़े की जांच 51 अफसरों से कराई गई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद भी समाज कल्याण विभाग के बाबुओं और लेखपालों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में डीएम आलोक तिवारी ने एसडीएम सदर दीपक पाल को जांच के निर्देश दिए थे। एसडीएम सदर ने अपात्रों के रिकॉर्ड खंगाले।
उन्होंने आवेदन पत्रों में आवेदकों की जांच से लेकर अनुदान देने वाले सभी अफसरों के साइन देखे। इनमें 14 लेखपालों और छह कानूनगो के हस्ताक्षर अपात्रों के आवेदन पत्र पर पाए गए हैं। अभी अन्य आवेदन पत्रों की जांच चल रही है। साथ ही जिन आवदेकों का पता सही नहीं मिला है, उन्हें भी फर्जी माना गया है। दरअसल आवेदन पत्र आने के बाद पहली जांच लेखपाल ही करते हैं।
फिर कानूनगो रिपोर्ट लगाते हैं। इसके बाद आवेदन पत्र विभाग भेजे जाते हैं। एसडीएम सदर ने बताया कि प्रमोद मिश्रा, दिलीप सचान, धर्मपाल, अरविंद तिवारी, शैलेंद्र सिंह, राम खिलावन भारती समेत 14 लेखपालों, 6 कानूनगो को नोटिस दिया गया है। अगर इन लोगों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।