विवेचक पर लगाए गंभीर आरोप
शनिवार को हुई एफआईआर में लकी ने आरोप लगाया है कि मामले के विवेचक दरोगा मणि भूषण शुक्ला ने उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर हाईकोर्ट में फर्जी एमओयू पेश किया। इतना ही नहीं विवेचक ने झूठा शपथपत्र कोर्ट में पेश किया कि आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। फर्जी एमओयू (मेमोरंडम ऑफ अडंर स्टैंडिंग) लगाकर बताया कि मामला दीवानी का है।
विवेचक को बचाया, एफआईआर में नाम नहीं
कोर्ट में फर्जी एमओयू सौंपने और गलत दस्तावेज लगाकर आरोपियों को जमानत दिलाने का प्रयास का आरोप एफआईआर में विवेचक पर तो लगाया गया है लेकिन पुलिस ने विवेचक को नामजद नहीं किया है। जेल में बंद आरोपियों पर धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज बनाने आदि की धाराएं लगाई गईं हैं।