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UP: बारूद की गंध में दबी इत्र की सुंगध, इस्राइल-ईरान की जंग से नहीं जा रही डिमांड…निर्माता परेशान, पढ़ें मामला

Thu, 10 Oct 2024 04:29 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

Kannauj News: इत्र निर्माताओं की मानें तो खाड़ी देशों में शमामा की मांग अधिक है। यह इत्र भारतीय देशी जड़ी-बूटियों से तैयार किया जाता है। यह इत्र खुशबू के साथ - साथ औषधि के रूप में भी काम करता है।
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शहर में एक शोरूम में रखा इत्र - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इस्राइल -ईरान में छिड़ी आपसी जंग से इत्र निर्यात में काफी कमी आई है। कन्नौज शहर में जितना भी इत्र बनाया जाता है, उसका 55 फीसदी खाड़ी देशों में निर्यात होता है। दोनों देशों में चल रहे युद्ध से निर्यात की दर में काफी कमी आई है। इससे इत्र निर्माता और निर्यातक परेशान हैं। इत्र की खपत बढ़ाने के लिए वह अफ्रीकी और अमेरिकी महाद्वीप के देशों से संपर्क बढ़ा रहे हैं।

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शहर में इत्र के करीब 350 कारखाने हैं, जिनमें सैकड़ों प्रकार के इत्र बनाए जाते हैं। इनमें शमामा, अगर, ऊद, गुलाब, मोगरा और मुखल्लत का निर्यात खाड़ी देशों में अधिक मात्रा में होता है। इस्राइल और ईरान युद्ध के बाद खाड़ी देशों में इत्र की मांग कम हो गई है। इत्र कारोबारियों की मानें तो वहां के लोग ऑनलाइन व्यापार करते हैं।
वो हर माह अपनी डिमांड भेजकर खाते में धनराशि ट्रांसफर कर देते हैं।  इसके बाद उन्हें डिमांड के अनुसार माल भेज दिया जाता है। हालांकि इस्राइल और ईरान से अधिक इत्र की मांग सऊदी अरब में रहती है। वहां के व्यापार में कोई फर्क नहीं पड़ा है, लेकिन इस्राइल और ईरान से व्यापार कम होने के बाद अफ्रीकी और अमेरिकी देशों से संपर्क किया जा रहा है।

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कई उद्यमियों ने बना लिए शोरूम
शहर के कई इत्र उद्यमियों ने विदेशों में अपने शोरूम स्थापित किए हैं। सऊदी अरब के दुबई और अबूधाबी में कई शोरूम हैं, जो अन्य देशों में इत्र की सप्लाई प्रदान करते हैं। ओमान और कतर में भी यहां के लोगों ने अपने शोरूम स्थापित किए हैं। इस्राइल और ईरान में अपेक्षाकृत शोरूम नहीं हैं। कन्नौज से तैयार इत्र पहले सऊदी अरब भेजा जाता है और फिर वहां से इस्राइल, ईरान, फलस्तीन, लेबनॉन सहित अन्य देशों में भेजा जाता है। कन्नौज के कई इत्र कारोबारी तो विदेशों में ही बस गए हैं।

खाड़ी देशों में शमामा की मांग अधिक
इत्र निर्माताओं की मानें तो खाड़ी देशों में शमामा की मांग अधिक है। यह इत्र भारतीय देशी जड़ी-बूटियों से तैयार किया जाता है। यह इत्र खुशबू के साथ - साथ औषधि के रूप में भी काम करता है। मुस्लिम देशों में शमामा और मुखल्लत दो इत्रों का प्रयोग अधिक किया जाता है। इस्राइल में ऊद की मांग अधिक है, जो एक विशेष प्रकार की लकड़ी से तैयार किया जाता है। भारत में यह लकड़ी उत्तर पूर्व के जंगलों में अधिक मिलती है।
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इस्राइल और ईरान युद्ध से इत्र निर्यात काफी प्रभावित हुआ है। खाड़ी देशों से पिछले एक माह में करीब 20 प्रतिशत डिमांड कम आई है। ऐसे में इत्र निर्माता अफ्रीकी और अमेरिकी महाद्वीप के देशों से संपर्क बढ़ा रहे हैं। कितने करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ है, इसकी जानकारी कस्टम रिपोर्ट देखने पर ही पता चलेगा।  -पवन त्रिवेदी, अध्यक्ष, द अतर्स एंड परफ्यूमर्स एसोसिएशन
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