डाकू बबुली कोल के साथ मुठभेड़ में जेपी सिंह की मौत
चित्रकूट के जमौली में डकैत घनश्याम केवट के हाथों चार पुलिस कर्मियों की शहादत के बाद आठ साल का अरसा गुजर गया। इस बीच पुलिस और डकैतों के बीच कई मुठभेड़ें हुईं, कई बदमाश मारे गए पर पुलिस को कोई नुकसान नहीं हुआ।
गुरुवार (24 अगस्त) को मुठभेड़ में बहिलपुरवा (चित्रकूट) थानाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह की शहादत ने पिछली शहादतों की याद फिर ताजा कर दी है। जयप्रकाश सिंह 47वें शहीद हैं।
उनके पूर्व बांदा और चित्रकूट में अब तक 46 पुलिस कर्मी अपने फर्ज की अदायगी में शहादत का स्थान हासिल कर चुके हैं। जमौली से पूर्व पुलिस को सबसे बड़ा नुकसान फतेहगंज थाना क्षेत्र के जुलाई 2007 को उठाना पड़ा था जब एसटीएफ के छह युवा जवान ठोकिया गिरोह के हाथों एक साथ शहीद कर दिए गए थे।