औरैया रेल हादसे के बाद शुरूआती जांच में चौकानें वाली बात सामने निकलकर आई है। बता दें इसे हादसे के कारणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है जिसे जानकर आप भी सन्न रह जाएंगे...
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औरैया में रेल दुर्घटना के बाद ट्रैक पर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, कैफियत एक्सप्रेस के दुघर्टनाग्रस्त होने में रेलवे की बड़ी चूक सामने आई है। इसमें ये बात सामने निकलकर आई है कि घटना के समय ट्रेन में लगे इंजन की हेडलाइट नहीं जल रही थी। दुर्घटना के बाद तत्काल मौके पर पहुंचे ग्रामीण भी इस बात की पुष्टि करते हैं। शुरुआती बातचीत में चालक ने भी ट्रैक पर पलटे डंपर के नहीं दिखने की बात कही थी, लेकिन आला अफसरों की पूछताछ के बाद चालक ने चुप्पी साध ली। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने जांच कराने की बात कही है।
हेडलाइट जल रही होती तो पांच मीटर दूर से दिख जाता है डंपर
रेल का इंजन दुर्घटना के बाद
- फोटो : अमर उजाला
तेज धमाके की आवाज सुन मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि इंजन की हेडलाइट नहीं जल रही है, जबकि नीचे लगे दोनों लाइट जल रहे हैं। जानकारों की मानें तो अगर हेड लाइट जल रही होती चालक करीब पांच सौ मीटर दूर से ही डंपर को देख लेता। हेडलाइट नहीं होने की स्थिति में अन्य लाइटों से सिर्फ 100 मीटर दूर ही दिखाई पड़ता है।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने जांच कराने की बात कही
हादसे के बाद ट्रैक के बीचोबीच पड़ी रेल की बोगियां
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में डंपर दिखते ही चालक ने अचानक रुक-रुक कर तीन बार इंमरजेंसी ब्रेक लगाए। घायल ट्रेन चालक एसके चौहान व सह चालक हंसराज ने ट्रैक पर डंपर गिरा था या बगल में था, इस पर कुछ साफ नहीं कह पाए। लेकिन जब अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की, उसके बाद वे कहने लगे कि डंपर ट्रैक के किनारे आ गया था। फिलहाल रेलवे के अधिकारी इस मुद्दे पर जांच की बात कह रहे हैं। उमरे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि ट्रेन संचालन के समय इंजन चेक होता है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच की जाएगी।