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फर्रुखाबाद में 49 बच्चों की मौत का मामला गरमाया, सैकड़ों मरीज वापस लौटे, 5 सितंबर से हड़ताल

Mon, 04 Sep 2017 05:07 PM IST
अनूप शुक्ला, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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यूपी के फर्रुखाबाद के सरकारी अस्पताल 49 बच्चों की मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अभी तक बच्चों की मौत का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि यूपी के फर्रुखाबाद के सरकारी अस्पताल में 49 बच्चों की मौत का मामला तूल पकड़ गया। कमेटी की जांच रिपोर्ट में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत होने का पता चलने पर महकमे में हड़कंप मच गया। डीएम रविंद्र कुमार के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट जेके जैन ने सीएमओ और महिला सीएमएस के खिलाफ बच्चों के इलाज में लापरवाही और समय पर सूचना न देने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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5 और  6 सितंबर को फर्रुखाबाद के सभी सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर

फर्रुखाबाद के सरकारी अस्पताल 49 बच्चों की मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को इस मामले को लेकर दो घंटे तक लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों ने बंद कमरे में मीटिंग की। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य के नाम से ज्ञापन दिया है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के डॉक्टरों ने मीटिंग कर सरकार के सामने दो मांगें रखी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि  तत्काल प्रभाव से लोहिया अस्पताल के चिकित्सकों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाए, जिस कमेटी ने जांच की है वो एक नॉन टेक्निकल कमेटी है किसी दबाव में तो ये कमेटी काम नहीं कर रही इसकी भी जांच कराई जाए। मंगलवार 5 और  बुधवार 6 सितंबर को फर्रुखाबाद के सभी सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। केवल इमरजेंसी और पोस्टमार्टम होगा। अगर मांगें पूरी न हुईं तो सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। सोमवार को लोहिया अस्पताल में 1320 मरीजों ने पर्चे बनवाए इनमें से 800 से ज्यादा मरीज डॉक्टरों के न होने की वजह से वापस लौट गए। अस्पताल के सीएमओ, सीएमएस को भी हटाने की भी चर्चा है। 
 
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ये था पूरा मामला

लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाबाद का एसएनसीयू वार्ड
20 जुलाई से 20 अगस्त के बीच फर्रुखाबाद के जिला चिकित्सालय  लोहिया महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में 49 बच्चों की मौत हुई थी। इस मामले पर डीएम ने कमेटी गठित की। इस कमेटी में सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम समेत तीन प्रशासनिक अधिकारी थे। कमेटी ने दो दिन पहले शनिवार को ये रिपोर्ट जिलाधिकारी रविंद्र कुमार को सौंपी। रिपोर्ट में लिखा था कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से एसएनसीयू में बच्चों की मौत हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने लोहिया महिला चिकित्सालय के सीएमएस, सीएमओ, वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। फर्रुखाबाद कोतवाली में एफआईआर का कागज पहुंचते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच पड़ताल तेज कर दी। इस बीच डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी। डॉक्टरों का कहना था कि डीएम की कमेटी नॉन टेक्निकल थी कमेटी ने रिपोर्ट सही नहीं दी।
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