मामले में पुलिस ने शहर के चौबेपुर, नजीराबाद, सजेती, काकादेव, कानपुर देहात के शिवली, भोगनीपुर, लखनऊ के कृष्णानगर और हरियाणा के फरीदाबाद में विभिन्न धाराओं में एक के बाद एक 82 मुकदमे दर्ज किए थे। पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने विकास दुबे समेत उसके छह साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। बिकरू सेल प्रभारी करुणानिधि सरोज ने बताया कि जल्द ही हरियाणा के फरीदाबाद में दर्ज मामले में भी फैसला आ जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश पर हर दिन हो रही सुनवाई
हाईकोर्ट के आदेश पर बिकरू कांड की सुनवाई माती की एंटी डकैती कोर्ट में प्रतिदिन दो घंटे चल रही है। दोनों पक्षों के अधिवक्ता अपना पक्ष रखते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जितने आरोपी है उनके सबके अपने-अपने वकील हैं। ऐसे में एक जिरह में कम से कम 20 दिन का वक्त लगता है। इसके चलते फैसला आने में देरी हो रही है।