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बिकरू कांड के चार साल: 82 मुकदमे, 17 में फाइनल रिपोर्ट, 57 में चल रही सुनवाई

Wed, 03 Jul 2024 12:15 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

बिकरू कांड में हाईकोर्ट के आदेश पर कानपुर देहात के माती की एंटी डकैती कोर्ट में सुनवाई लगातार चल रही है। फरीदाबाद में दर्ज मामले में जल्द फैसला आ सकता है।
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बिकरू गांव में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीन जुलाई को बिकरू कांड को चार साल हो जाएंगे। इस कांड में दुस्साहसी विकास दुबे और उसके गैंग के सदस्यों ने एक सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। कांड के बाद उत्तर प्रदेश व हरियाणा में 82 मामले दर्ज हुए थे।

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एनकाउंटर के छह मामलों के अलावा पुलिस की लचर जांच और साक्ष्यों की कमी की वजह से इसमें से 17 मुकदमों में तो पुलिस खुद ही फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है।

वहीं 65 मामलों में चार में आरोपियों को सजा जबकि चार मामलों में आरोपी दोषमुक्त हो चुके हैं। इसके अलावा 57 मामलों में गवाही चल रही है। बिकरू कांड की सुनवाई कानपुर देहात की माती की एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस चर्चित कांड में फैसला भी सामने आएगा। दो जुलाई 2020 की रात बिकरू में गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर दुबे और उसके गर्गों ने हमला कर दिया था। हमले में तत्कालीन सीओ देवेंद्र दुबे समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे।

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मामले में पुलिस ने शहर के चौबेपुर, नजीराबाद, सजेती, काकादेव, कानपुर देहात के शिवली, भोगनीपुर, लखनऊ के कृष्णानगर और हरियाणा के फरीदाबाद में विभिन्न धाराओं में एक के बाद एक 82 मुकदमे दर्ज किए थे। पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने विकास दुबे समेत उसके छह साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। बिकरू सेल प्रभारी करुणानिधि सरोज ने बताया कि जल्द ही हरियाणा के फरीदाबाद में दर्ज मामले में भी फैसला आ जाएगा।

 
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हाईकोर्ट के आदेश पर हर दिन हो रही सुनवाई
हाईकोर्ट के आदेश पर बिकरू कांड की सुनवाई माती की एंटी डकैती कोर्ट में प्रतिदिन दो घंटे चल रही है। दोनों पक्षों के अधिवक्ता अपना पक्ष रखते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जितने आरोपी है उनके सबके अपने-अपने वकील हैं। ऐसे में एक जिरह में कम से कम 20 दिन का वक्त लगता है। इसके चलते फैसला आने में देरी हो रही है।
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