निशक्त को ट्राई साइकिल देते केंद्रीय मंत्री थावर चंद्र गहलोत, सांसद अशोक वाजपेयी, जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा, डीएम पुलकित खरे व सीडीओ निधि गुप्ता वत्स
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केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डाॅ. थावरचंद गहलोत ने कहा है कि नि:शक्तों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित की जा रहीं केंद्र सरकार की योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ उत्तर प्रदेश को मिला है। उन्होंने कहा कि नि:शक्तों को सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के लिए सबसे अधिक 1263 मेगा कैंप उत्तर प्रदेश में ही आयोजित हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार सर्वांगीण विकास की दिशा में काम कर रही है। शहर के सीएसएन डिग्री कॉलेज परिसर में एलिम्को कानपुर की ओर से वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार का प्रयास है कि नि:शक्त जन भी समाज की मुख्य धारा से जुड़ें।
नि:शक्त जनों की कमजोरी को ही उनकी ताकत बनाने की कोशिश की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में कोई भी नजरंदाज नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में लगभग आठ हजार कैंप आयोजित किए गए। जिन शिविरों में एक हजार से अधिक नि:शक्तों को सहायता दी जाती है उसे मेगा कैंप नाम दिया गया है।
सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही 1263 मेगा कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होने बताया कि केंद्र सरकार ने नि:शक्त जनों के लिए सरकारी नौकरी में चार फीसदी का आरक्षण तय किया है और उत्तर प्रदेश सरकार ने भी चार फीसदी आरक्षण निर्धारित कर दिया है। उन्होंने बताया कि नि:शक्त जनों को यूनिवर्सल आइडींटटी कार्ड अगले वर्ष दिसंबर तक दे दिए जाएंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद डाॅ. अशोक वाजपेयी ने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि डाॅ. गहलोत राज्यसभा में नेता सदन भी हैं। अत्यधिक व्यस्तताओं के बीच समय निकाल कर हरदोई आए हैं और यह हरदोई के लिए गौरव की बात है। इससे पूर्व वरदान ट्रस्ट के अरुणेश वाजपेयी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए ट्रस्ट की गतिविधियों से अवगत कराया।
एलिम्को के उप महाप्रबंधक अजय चौधरी ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अलका गुप्ता के अलावा डीएम पुलकित खरे, एसपी आलोक प्रियदर्शी, सीडीओ निधि गुप्ता वत्स, सेवानिवृत्त आइएएस अवधेश कुमार सिंह राठौर, भुवन चतुर्वेदी, फखरुल इस्लाम फक्कन, पारूल दीक्षित, अविनाश मिश्रा आदि मौजूद रहे।