हमीरपुर में कानपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग में मकरांव के निकट गुरुवार की रात सड़क पर बैठे मवेशियों के झुंड पर किसी ने भारी वाहन ने चढ़ा दिया। जिसमें सात मवेशियों की मौके पर मौत हो गई। जिनमें पांच दुधारू गायें व दो बछड़े थे। इस घटना को लेकर सुबह टहलने निकले लोगों ने नराजगी जताते हुए करीब 10 मिनट हाईवे पर जाम लगाया।
हालांकि स्थानीय प्रशासन जाम लगने की बात को नकार रहा है। जबकि घटना की सूचना पर आनन-फानन में उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी व स्थानीय कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। बीडीओ और पशु चिकित्सक को भी मौके पर बुलाया गया। मृतक गोवंश का पोस्टमार्टम कराकर उनको दफनवा दिया गया है।
अन्ना मवेशियों को नियंत्रण करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार करोड़ों रूपये के बजट के साथ लगातार नई-नई योजनाएं बना रही हैं। गोशाला निर्माण के साथ उनके खाने पीने की व्यवस्था की गई है। 15 अगस्त तक अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में बंद करने का जिलाधिकारी आदेश दे चुके हैं। इसके बावजूद कई गांवों में मवेशियों को बंद नहीं किया गया है।
यहां तक की किसानों के मवेशी भी अन्ना घूम रहे हैं। यही मवेशी वाहनों से टकराकर घायल हो रहे हैं। गुरुवार की रात तीसरे पहर मकरांव के निकट एक भारी वाहन हाईवे में बैठे गोवंश के झुंड को रौंदता हुआ निकला गया। जिसमें सात मवेशियों की मौत हो गई। इस घटना से लोग आहत हैं।
मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी अजीत परेश ने बताया कि जिन मवेशियों की मौत हुई है वह अन्ना मवेशी नहीं थे, बल्कि पशु पालकों के दूध देने वाली गाय व उनके बछड़े थे। जिनका पता लगाया जा रहा है। उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बीडीओ रत्नेश कुमार ने बताया कि मकरांव में गोशाला बनी है और वहां अन्ना जानवर बंद हैं।
लेकिन जिन गायों और बछड़ों की मौत हुई है वह पशु पालकों के हैं। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आरके सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में पांच गायों की मौत हुई हैं। जबकि दो बछड़े थे। इन सबका पोस्टमार्टम किया गया है और इनकी मौत भारी वाहनों की टक्कर से हुई हैं। पोस्टमार्टम के बाद सभी मृत गायों को दफना दिया गया।