सचेंडी, चकेरी, जाजमऊ और बिठूर थानाक्षेत्रों में बुधवार को चार लोगों ने फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम संग घटनास्थलों से साक्ष्य जुटाए हैं। चारों मामलों में परिजन आत्महत्या के कारणों की वजह नहीं बता सके हैं।
सचेंडी के छीतेपुर निवासी अनिल सिंह (45) प्लास्टिक फैक्टरी में सुपरवाइजर थे। वह सुल्तानपुर के रहने वाले थे। पत्नी सीमा बच्चों सूर्यांश और रिमझिम के साथ कुछ दिन पहले सुल्तानपुर गईं थी। मंगलवार को परिवार जब घर लौटा तो अंदर से दरवाजा बंद था। दरवाजा नहीं खुलने पर ग्रामीणों की मदद से तोड़ा गया। घर के भीतर अनिल का शव फंदे पर लटक रहा था।
चकेरी के अहिरवां निवासी महेंद्र कुमार की पत्नी सीता (28) ने संदिग्ध हालात में फंदा लगाकर जान दे दी। ससुर शंकरलाल ने बताया कि बेटा महाराष्ट्र में नौकरी करता है। पहले पति की हादसे में माैत हो जाने पर सीता की बेटे से दो वर्ष पहले शादी हुई थी। बताया कि घर में बहू की बहन भी थी। मंगलवार रात सभी लोग खाना खाने के बाद सोने चले गए। देर रात उसने फंदा लगा लिया।
वहीं, जाजमऊ के मनोहरनगर में हबीबा समीम (15) ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। काफी देर तक वह कमरे से नहीं निकली। इस पर परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो हबीबा फंदे पर लटकी मिली। परिजन उसे कांशीराम अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बिठूर के रामनगर में फैक्टरीकर्मी विजय कमल की पत्नी लक्ष्मी देवी (50) ने बुधवार दोपहर फंदा लगा लिया। घटना के दौरान पति और बड़ा बेटा दीपक भवानीपुर चौबेपुर स्थित फैक्टरी गए थे। छोटा बेटा सूरज घर के बाहर था। दोपहर में विजय खाना खाने घर आए तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा न खुलने पर छोटे भाई आशु को पड़ोसी के घर से अंदर भेजा, जहां उसने शव को लटके हुए देखा।