चार नए उपकेंद्र बनेंगे, बिजली कटौती होगी दूर
ज्योतिष, कसोलर, सुनासी व सखरेज में बनेंगे उपकेंद्र
4.42 करोड़ रुपये का प्रस्ताव निदेशक को भेजा गया
दिनेश मिश्र
कानपुर देहात। पुराने उपकेंद्रों का लोड बांटने और बिजली कटौती दूर करने के लिए ज्योतिष, कसोलर, सुनासी व कानपुर नगर के सखरेज में करीब 4.42 करोड़ से नए उपकेंद्र बनाए जाने हैं। मंजूरी मिलते ही काम शुरू होगा।
जिले के रूरा, शिवली, संदलपुर व रसूलाबाद ग्रामीण उपकेंद्र ओवर लोड हैं। क्षमता से अधिक लोड होने की वजह से फाल्ट बढ़ गए हैं। गर्मी में दिक्कत अधिक होती है। थोड़ी-थोड़ी देर में ट्रिपिंग होती है। इसकी वजह से उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ता है। पिछले दिनों विद्युत विभाग की टीम ने इसका सर्वे कराया। इसपर लोड विभाजन की रूपरेखा बनाई गई। इसी क्रम में चार नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव है। नए उपकेंद्र बनने पर रूरा, संदलपुर, रसूलाबाद ग्रामीण व शिवली उपकेंद्रों का लोड घटेगा। इन उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ताओं को भी निर्बाध बिजली आपूर्ति हो सकेगी।
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बयान-
ये उपकेंद्र पांच-पांच एमवी क्षमता के होंगे। करीब 4.42 करोड़ का प्रस्ताव अधीक्षण अभियंता तकनीकी के माध्यम से दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निदेशक को भेजा गया है।
- एके वर्मा, अधीक्षण अभियंता, कानपुर देहात।
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एक नजर में उपकेंद्रों की प्रस्तावित लागत
अकबरपुर में ज्योतिष उपकेंद्र 1.70 करोड़ से बनाने का प्रस्ताव है। इस उपकेंद्र के बनने से रूरा उपकेंद्र का लोड कम होगा। अन्य तीन उपकेंद्र करीब 90-90 लाख से बनाए जाने का प्रस्ताव है। कसोलर उपकेंद्र बनने से संदलपुर, सुनासी उपकेंद्र बनने से रसूलाबाद ग्रामीण और सखरेज उपकेंद्र बनने से शिवली उपकेंद्र का भार घटेगा।
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बंट जाएंगे ढाई से पांच हजार कनेक्शन
रूरा व संदलपुर उपकेंद्र की मौजूदा क्षमता बीस एमवी है। रसूलाबाद ग्रामीण दस एमवी और शिवली पांच एवी क्षमता का उपकेंद्र है। रूरा उपकेंद्र में करीब 17 हजार और संदलपुर में करीब 20 हजार कनेक्शन हैं। रसूलाबाद ग्रामीण में करीब 29 हजार व शिवली उपकेंद्र में 5 हजार कनेक्शन हैं। नए उपकेंद्र बनने से पुराने उपकेंद्रों के ढाई से पांच हजार कनेक्शन बंट जाएंगे। पांच-पांच एमबी क्षमता के नए उपकेंद्रों से इन कनेक्शनों को जोड़ा जाएगा।
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जल्द दुरुस्त हो सकेंगे फाल्ट
नए उपकेंद्रों से पुराने उपकेंद्रों के दूरस्थ गांवों को जोड़ा जाएगा। इससे उपकेंद्रों की लाइनों में फाल्ट होने पर अधिक दूर तक बिजली कर्मियों को पेट्रोलिंग की मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। इससे फाल्ट जल्द दुरुस्त हो सकेंगे।
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कानपुर नगर का गांव है सखरेज
शिवली उपकेंद्र से कानपुर नगर के कई गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। शिवली उपकेंद्र से सखरेज करीब 15 किमी दूर है। लंबी बिजली लाइनों का रखरखाव मुश्किल होता है। फाल्ट होने पर लाइनमैन को पेट्रोलिंग में दिक्कत आती है। सखरेज में नया उपकेंद्र बनने से शिवली कस्बा व आसपास के गांवों को भरपूर बिजली मिलेगी।