सूचना मिलते ही डीएम मृदुल चौधरी, एसपी अपर्णा गुप्ता व चार थानों की पुलिस और फायर बिग्रेड के अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया। साढ़े चार घंटे चले रेस्क्यू के बाद दो श्रमिकों पहरा निवासी कैलाश व बसहरी निवासी धीरू को सुरक्षित निकाला गया। घायल होने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया, जबकि चार लोगों की मलबे में दबने से मौत हो गई।
मृतकों में पहरा गांव निवासी राममिलन कुशवाहा (35), रामफूल अहिरवार (32), नहदौरा निवासी कुलदीप उर्फ प्यारे रैकवार (20) और मध्यप्रदेश के ज्योरहा निवासी प्रेमचंद्र कुशवाहा (21) शामिल हैं। घटना के बाद परिजनों ने बिना सुरक्षा उपकरण काम कराने का आरोप लगाते हुए पट्टाधारक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया।
एडीजी प्रयागराज भानु भास्कर, मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी, डीआईजी अजय कुमार सिंह ने मौके पर पहुंच घटनास्थल का निरीक्षण कर मृतकों के परिजनों को हर पहलू की जांच कराकर कार्रवाई और हर संभव मदद का भरोसा दिया। डीएम का कहना है कि पहाड़ के ऊपरी हिस्से की मिट्टी खिसकने से हादसा हुआ है। रेस्क्यू कर सभी शवों को बाहर निकाला गया है। पट्टा 10 साल के लिए स्वीकृत है। अवैध खनन का मामला सामने नहीं आया है। मामले से खनिज विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।