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Farrukhabad: गांव में शव आते ही गमगीन हुआ माहौल, एक ही परिवार के चार लोगों की उठीं अर्थियां, नम हुई हर आंख

Wed, 21 Aug 2024 06:08 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

Farrukhabad News: बागेश्वर धाम यात्रा के दौरान सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। गांव में शव आते ही माहौल गमगीन हो गया।
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बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बागेश्वर धाम यात्रा के दौरान एक ही परिवार के चार लोगों की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद शव गांव पहुंचे। बूढ़े पिता के दो जवान बेटे, पत्नी और पुत्र वधु एक साथ चार अर्थियां गांव से निकलीं। ऐसी दुखद घड़ी में आंखों में आंसू, दिल में दर्द और जुबां खामोश थी। गांव नरैनामऊ निवासी मनोज श्रीवास्तव उर्फ लालू (45), पत्नी मनु (40), मां नन्ही देवी (62), सबसे छोटा भाई गोविंद (30), जनपद शाहजहांपुर के जलालाबाद निवासी साले मोनू के साथ टेंपो से बागेश्वर धाम यात्रा पर जा रहे थे।

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छतरपुर में टेंपो और ट्रक की भिड़ंत में चार की मौत हो गई। साला घायल हो गया। छतरपुर में पुलिस कार्रवाई पूरी होने के बाद चारों शव सुबह गांव पहुंचे, तो घर में माहौल गमगीन हो गया। गांव के अलावा आसपास के गांवों से भी लोग ढांढस बंधाने पहुुचे। इससे गांव में भारी भीड़ जमा हो गई। एसडीएम रवींद्र कुमार, सीओ जयसिंह परिहार, इंस्पेक्टर रामअवतार, नायब तहसीलदार सृजन कुमार गांव पहुंचे। एसडीएम ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। मौजूद रिश्तेदारों ने मां और पिता की मौत से अनाथ बच्चों की मदद करने की गुहार की। एसडीएम ने हर संभव मदद करने का भरोसा दिया। अंत्येष्टि के लिए गंगा घाट पर शव ले जाने के लिए चार ट्रैक्टरों की व्यवस्था की गई। घर से चारों अर्थियां एक साथ उठीं, तो वहां मौजूद लोगों की चीत्कार सुनकर आंखें नम हो गईं।

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चार बच्चों के सिर से उठ गया माता-पिता का साया
बागेश्वर धाम यात्रा के दौरान गांव नरैनामऊ निवासी मनोज श्रीवास्तव व उनकी पत्नी मनु की मौत से उनके चार बच्चे वंदना (14) निहारिका, राधिका व अंशुल (7) के सिर से माता पिता का साया उठ गया। मनोज रेलवे क्रासिंग के पास सैलून की दुकान चलाकर बच्चों का पालन-पोषण करते थे। छोटे भाई गोविंद की पत्नी रचना बुरी तरह बिलख रही थी। उनके एक पुत्र राघव (8) व डेढ़ साल की पुत्री देवकी है। पिता की मौत के बाद बच्चों की परवरिश का बोझ रचना है।
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