बागेश्वर धाम यात्रा के दौरान एक ही परिवार के चार लोगों की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद शव गांव पहुंचे। बूढ़े पिता के दो जवान बेटे, पत्नी और पुत्र वधु एक साथ चार अर्थियां गांव से निकलीं। ऐसी दुखद घड़ी में आंखों में आंसू, दिल में दर्द और जुबां खामोश थी। गांव नरैनामऊ निवासी मनोज श्रीवास्तव उर्फ लालू (45), पत्नी मनु (40), मां नन्ही देवी (62), सबसे छोटा भाई गोविंद (30), जनपद शाहजहांपुर के जलालाबाद निवासी साले मोनू के साथ टेंपो से बागेश्वर धाम यात्रा पर जा रहे थे।
छतरपुर में टेंपो और ट्रक की भिड़ंत में चार की मौत हो गई। साला घायल हो गया। छतरपुर में पुलिस कार्रवाई पूरी होने के बाद चारों शव सुबह गांव पहुंचे, तो घर में माहौल गमगीन हो गया। गांव के अलावा आसपास के गांवों से भी लोग ढांढस बंधाने पहुुचे। इससे गांव में भारी भीड़ जमा हो गई। एसडीएम रवींद्र कुमार, सीओ जयसिंह परिहार, इंस्पेक्टर रामअवतार, नायब तहसीलदार सृजन कुमार गांव पहुंचे। एसडीएम ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। मौजूद रिश्तेदारों ने मां और पिता की मौत से अनाथ बच्चों की मदद करने की गुहार की। एसडीएम ने हर संभव मदद करने का भरोसा दिया। अंत्येष्टि के लिए गंगा घाट पर शव ले जाने के लिए चार ट्रैक्टरों की व्यवस्था की गई। घर से चारों अर्थियां एक साथ उठीं, तो वहां मौजूद लोगों की चीत्कार सुनकर आंखें नम हो गईं।