कानपुर देहात। घाटमपुर पुलिस पर पांच साल पहले फायरिंग करने वाले अभियुक्त को कोर्ट ने घटना का दोषी पाया है। बुधवार को उसे साढ़े चार साल का सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जेल से पेशी पर ले जाने के दौरान आरोपी फरार हो गया था। इसके बाद गिरफ्तारी में लगी पुलिस टीम पर उसने फायरिंग की थी।
घाटमपुर कोतवाली के तत्कालीन कोतवाल अनिल कुमार पुलिस टीम के साथ 16 दिसंबर 2016 की रात गश्त पर थे। तभी एक बाइक से बदमाश के आने की सूचना मिली। पुलिस ने उसे सचौली रोड पर नेवादा उजागर गांव के पास रोकने की कोशिश की।
आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने आरोपी गनेशीपुर साढ़ घाटमपुर निवासी नागेंद्र राजपूत उर्फ नरेंद्र उर्फ लालबत्ती को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से चोरी की एक बाइक व तमंचा बरामद हुआ था। पुलिस ने मामले में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
इसकी सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम सुनील कुमार यादव की कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को घटना का दोषी पाया।
बुधवार को कोर्ट ने नरेंद्र को साढ़े चार साल का कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता डॉ विजय सिंह ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को एक सप्ताह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
खुशी पर आरोप निर्धारण को लेकर छह को सुनवाई
कानपुर देहात। बिकरू कांड के मुख्य आरोपियों के साथ शामिल खुशी के मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट शैलेंद्र कुमार वर्मा की कोर्ट में चल रही है।
बुधवार को इस मामले में खुशी पर आरोप निर्धारण को लेकर बहस होनी लेकिन किसी वजह से बहस नहीं हो सकी। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि छह जनवरी तय की है। खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि मामले में छह जनवरी को बहस होगी। (संवाद)