कानपुर। पिछले मार्च, अप्रैल में ओलावृष्टि बारिश से बर्बाद किसानोें पर दोहरी मार पड़ी है। एक साल का समय बीत गया लेकिन 34 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी। अब सूखे ने मुश्किल बढ़ा दी है। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का संकट खड़ा हो गया है।
तीन तहसील क्षेत्रों (सदर, घाटमपुर और बिल्हौर) से जो ताजा रिपोर्ट (29 अप्रैल) रिपोर्ट आई है, उसके मुताबिक 3797 हैंडपंप खराब पड़े हैं। करीब 3000 तालाब सूखे और तमाम नलकूप खराब हैं। इससे चिंतित जिला प्रशासन ने शनिवार को उप जिलाधिकारियों की मीटिंग बुलाई है। इसमें पेयजल, सिंचाई और किसानोें की समस्या पर चर्चा की जाएगी। इससे निपटने की रणनीति भी बनेगी।
89 करोड़ ही बांटा जा सका मुआवजा
बारिश और ओलावृष्टि के बाद केंद्र सरकार की टीम ने कानपुर का दौरा किया था। तमाम क्षेत्रों में जाकर आकलन रिपोर्ट तैयार की थी। जो रिपोर्ट बनी थी, उसके मुताबिक 5 लाख से ज्यादा किसानों को 123 करोड़ 96 लाख 33 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाना था। इसमें से 89 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा गया लेकिन 34 करोड़ से ज्यादा की धनराशि नहीं मिल सकी।
सूखे की चपेट में 27980 लोग
घाटमपुर तहसील क्षेत्र के 12 गांवों मेें सूखे का गंभीर संकट है। इस गांव के 27980 लोग सूखे से प्रभावित हैं। 5762 किसान भी परेशान हैं। सबकी मदद के लिए जिला प्रशासन ने 1 करोड़ 34 लाख रुपये देने का एलान किया था। 1 करोड़ रुपये बांटा जा चुका है लेकिन 34 लाख रुपये बांटने का मामला लटका है।
सदर तहसील क्षेत्र
d किसानों को 37 करोड़ 89 लाख 54 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी थी, जो अभी तक नहीं हो सकी। d ग्रामीण क्षेत्रों में 4703 हैंडपंप लगाए गए हैं। इसमें से 444 खराब पड़े हैं। d सरकारी रिकार्ड में 383 तालाब हैं लेकिन 221 में पानी नहीं है। तालाब सूखे हैं। d 26 में से चार नलकूप भी खराब पड़े हैं।
बिल्हौर
d क्षेत्र के किसानों को 22 करोड़ 29 लाख 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। d 31 में से 3 नलकूप खराब हैं। d 2102 तालाब हैं लेकिन 1362 सूखे हैं। 540 तालाबों के भरे जाने की रिपोर्ट मिली है। d 12522 हैंडपंप लगे हैं। इसमें से 1424 हैंडपंप खराब पड़े हैं।
घाटमपुर
d 63 करोड़ 77 लाख 67 हजार रुपये की आर्थिक सहायता किसानोें को दी जा चुकी है। d क्षेत्र के 12 गांव (बदले सिमनापुर, बक्सरा, काटर, अमिरतेपुर, गड़ाथा, अकबरपुर बीरबल बांगर, निमधा, टिकरी गौरवां बांगर, दौलतपुर घाटमपुर, बरीपाल, बांध और सिधौल) सूखे के चपेट में हैं। इन गांवों में एक करोड़ 34 लाख रुपये की धनराशि बांटी जानी थी लेकिन 34 लाख रुपये का वितरण नहीं हो सका। d क्षेत्र में 10189 हैंडपंप लगे हैं। इसमें से 1929 हैंडपंप खराब हैं। d नलकूप संचालन ठीक नहीं है। तालाब खुदाई और पुराने तालाबों में पानी भराई का काम भी विलंबित है।