जीवन दर्शन और शिक्षा दर्शन एक सा होना चाहिए
नई शिक्षा नीति पर बोलते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि देश में नई शिक्षा नीति लागू कर दी गई है। जब इसको बनाया जा रहा था, उस समय पूरे देश से इसके लिए सुझाव मांगे गए थे। आठ से नौ लाख सुझावों के बीच में मुख्य 10 हजार सुझावों को चुनकर नई शिक्षा नीति को तैयार किया गया है।
अब काम की रफ्तार ज्यादा तेज
वर्तमान शिक्षा नीति में भारतीय संस्कृति और संस्कार की झलक देखने को मिलती है। कहा कि देश बदल रहा है पुरानी सरकारों ने भी बहुत काम किया है, लेकिन अब काम की रफ्तार ज्यादा तेज है। भारत इस समय दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उम्मीद है हम आने वाले सालों में दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।
30 हस्तियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया
कानपुर से अपने जुड़ाव के बारे में कहा की मर्यादाओं और समय अभाव के चलते मैं कानपुर नहीं आ पाता हूं, तो कानपुर से जुड़े लोग मुझसे मिलने दिल्ली पहुंच ही जाते हैं। उन्होंने पंडित रामबालक मिश्रा से जुड़े कई संस्मरण भी साझा किया। समारोह में चिकित्सा, शिक्षा, उद्यम और समाज सेवा के क्षेत्र की 30 हस्तियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।