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पूर्व मंत्री नितिन अग्रवाल को देख भड़का सिपाही, बोला-‘इन पर दर्ज करो मुकदमा’ 

Wed, 12 Apr 2017 12:58 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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एसपी ऑफिस क बाहर सिपाही और नितिन अग्रवाल
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यूपी के हरदोई में पूर्व मंत्री नितिन अग्रवाल को एसपी ऑफिस के बाहर देखते ही एक सिपाही आग बबूला हो गया। उसने मंत्री के इशारे पर उनके गनर पर मारपीट का आरोप लगाया और पूर्व मंत्री, उनके गनर व एसआई एमटी पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग उठाई। सिपाही की तहरीर पर पिछले साल लखनऊ के महानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी लेकिन जांच हरदोई की पुलिस लटकाए है। जांच कराने के लिए सिपाही ने एसपी को प्रार्थना पत्र भी दिया है। 
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पूर्व मंत्री और सदर विधायक नितिन अग्रवाल सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एसपी चंद्र प्रकाश से मिलने गए थे। बावन ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्र सिंह पर मुकदमा दर्ज करने के मामले बात कर वह करीब पंद्रह मिनट बाद बाहर निकले और पत्रकारों से चर्चा में धर्मेंद्र पर फर्जी मुकदमा दर्ज होने की बात कह रहे थे। इसी बीच पुलिस लाइन में तैनात सिपाही प्रदीप मिश्र पहुंच गया। पूर्व मंत्री को देखते ही सिपाही भड़क गया। उसने कहा कि अब फर्जी मुकदमा लिखाने की दुहाई दे रहे हैं। इनकी सरकार थी तब गुंडे पुलिस को पीटते थे। जब नितिन मंत्री थी मैं उनके स्कार्ट की गाड़ी चलाने गया था। मंत्री के इशारे पर मुझे पीटा गया था। मैंने इसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। जिले के सभी अधिकारी मंत्री की मर्जी से आते थे औरे उनके इशारे पर काम करते थे। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद मेरे मामले में कार्रवाई नहीं हुई। एसआई एमटी जयकृष्ण शर्मा मुझ पर लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव डाल रहे हैं। मेरी मांग है कि पूर्व मंत्री नितिन अग्रवाल, सुरक्षा में तैनात विनय ओझा और एसआईएमटी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मीडिया से बात करने के बाद सिपाही प्रदीप ने एसपी चंद्र प्रकाश को शिकायती पत्र देकर मारपीट के मामले में कार्रवाई कराने की मांग की। एसपी चंद्र प्रकाश ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 
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18 मई 2016 को हुई थी मारपीट 

मामले की जानकारी देता सिपाही प्रदीप मिश्र
सिपाही प्रदीप मिश्र पुलिस विभाग में चालक है। पिछले साल वह तत्कालीन मंत्री नितिन अग्रवाल के स्कार्ट में गाड़ी चलाता था। प्रदीप के अनुसार 18 फरवरी 2016 में मंत्री के स्कार्ट की गाड़ी लेकर लखनऊ गया था। हजरत गंज चौराहा पर लाल सिग्नल होने पर गाड़ी रोक दी। इस पर पीछे की गाड़ी में चल रहे मंत्री के सुरक्षाकर्मी विनय ओझा ने वायरलेस पर गाड़ी रोकने का कारण पूछा और गाली गलौज करने लगा। बंगले पहुंचने पर विनय ने फिर गाली गलौज की। विरोध करने पर सिपाही को बेल्टो से जमकर पीटा। सिपाही का आरोप है कि इसी बीच मंत्री नितिन बंगले से बाहर निकले और उसे स्कार्ट की गाड़ी में डलवा लिया। अन्य कर्मियों व मीडिया के लोगों ने उसे छुड़ाया था। सिपाही ने लखनऊ के महानगर थाने में तहरीर दी थी लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। सिपाही ने अखबार और टीवी चैनलों के माध्यम से अपनी पीड़ा व्यक्त की तब सुरक्षाकर्मी ओझा के रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। सिपाही ने जिला अस्पताल में हरदोई मेडिकल कराकर रिपोर्ट एसएसपी लखनऊ और एसपी हरदोई को दी थी। कार्रवाई न होने पर 20 मई 2016 को सिपाही ने तत्कालीन एसपी से फिर गुहार लगाई। 22 मई को एसपी ने जांच का निर्देश दिया था लेकिन जांच फाइलों में दबा दी गई। 
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अफसर नहीं जानते जांच किसके पास

पूर्व मंत्री नितिन अग्रवाल
सिपाही प्रदीप मिश्रा के अनुसार मामले की जांच तत्कालीन एसपी उमेश कुमार सिह ने तत्कालीन एएसपी पश्चिमी को जांच सौंपी थी। जांच कौन कर रहा है इसकी जानकारी अफसरों को है ही नहीं। एएसपी पश्चिमी लक्ष्मी निवासी मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच हमारे पास नहीं है। जांच एएसपी पूर्वी कर रहे हैं। एएसपी पूर्वी बीसी दुबे का कहना है कि इस मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं है। अभी तक जांच  से संबंधित कोई फाइल मुझे नहीं मिली है। एसपी चंद्र प्रकाश ने कहा कि दिखवाते हैं, जहां भी फाइल होगी उसे निकलवाकर जांच करवाएंगे।
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