पार्टी में दुर्व्यवहार किए जाने और लगातार पैसे मांगने का आरोप लगाकर पूर्व बसपा सांसद अनिल शुक्ल वारसी ने बुधवार को अपनी पत्नी पूर्व विधायक प्रतिभा के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
इसके लिए उन्होंने पार्टी के जोनल पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उधर बसपा का कहना है कि वारसी को पार्टी से निकाल दिया गया है। बुधवार को वारसी दंपति इस्तीफा देने के पहले दिल्ली गए। वहां उन्होंने संसद भवन में बसपा प्रमुख मायावती से मुलाकात करके अपनी बात रखने की कोशिश की, पर मायावती ने कोई जवाब नहीं दिया। वारसी का कहना है कि इसके तुरंत बाद करीब 11:15 बजे उन्होंने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी और इस्तीफा पार्टी कार्यालय भेज दिया।
पार्टी से इस्तीफे के बाद वारसी ने बताया कि उन्होंने अभी किसी पार्टी में समर्थकों के साथ विचार-विमर्श के बाद फैसला लेंगे आगे क्या करना है। वारसी ने वर्ष 2005 में समाजवादी पार्टी छोड़कर बसपा की सदस्यता ग्रहण की थी। बाद में बिल्हौर से लोकसभा के उप चुनाव में वह पहली बार सांसद चुने गए।
उनकी पत्नी प्रतिभा शुक्ला भी बसपा से ही चौबेपुर सीट से विधायक चुनी गईं। पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में भी बसपा से ही वारसी चुनाव लड़े पर हार गए। उनकी पत्नी को 2012 के विधानसभा चुनाव में हार मिली। वारसी का बसपा से उस समय मोहभंग हो गया था, जब अकबरपुर रनियां से 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाई गईं उनकी पत्नी प्रतिभा का टिकट काटकर पूर्व कांग्रेसी नेता सतीश चंद्र शुक्ल को दे दिया गया। इसके बाद से वह लगातार टिकट के लिए पार्टी हाईकमान के चक्कर काट रहे थे, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।