कानपुर। हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण में फॉर्म-5ए को लेकर एक माह से बनी असमंजस की स्थिति अब समाप्त हो गई है। अब फॉर्म-5ए सीधे पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सकेगा। मुख्यालय से फॉर्म-5ए उप परिवहन आयुक्त आरआर सोनी के कार्यालय भेजे जाएंगे। यहां से यह फॉर्म अधिकृत ट्रेनिंग स्कूलों को उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद संबंधित स्कूल इसे आवेदक को प्रमाणपत्र के साथ देंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आवेदक ने निर्धारित प्रशिक्षण लिया है और फर्जी या गलत दस्तावेज अपलोड कर लाइसेंस नवीनीकरण कराने की गुंजाइश खत्म होगी।
अगस्त माह में परिवहन विभाग ने कई सेवाएं ऑनलाइन की थीं। हैवी लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए फॉर्म-5ए अनिवार्य किया गया था। पोर्टल पर दस्तावेज की वास्तविकता की जांच के बिना ही आवेदन स्वतः स्वीकृत हो जाते थे। इस व्यवस्था का लाभ उठाकर कुछ मामलों में गलत कागज अपलोड कर लाइसेंस जारी हो रहे थे। अगस्त से अब तक ऐसे करीब 90 फर्जी लाइसेंस जारी होने की बात सामने आई थी। लगातार शिकायतें मिलने के बाद यह बदलाव किया गया है।
वर्जन-
हैवी लाइसेंस रिन्युअल के लिए जारी किए जाने वाले फॉर्म 5ए की स्थिति साफ हो गई है। अब पोर्टल पर यह फार्म डायरेक्ट अपलोड नहीं होगा। जोनल कार्यालय से प्रशिक्षण संस्थानों को फॉर्म दिया जाएगा। जिसके बाद लाइसेंस जारी जा सकेगा। - संतोष कुमार, आरआई आरटीओ