वीएसएसडी कॉलेज में सामान्य रूप से कक्षाएं संचालित हुईं। प्राचार्य डॉ. बिपिन चंद्र कौशिक ने बताया कि सोमवार को कॉलेज में छात्रों की संख्या पर्याप्त रही और शिक्षकों ने नियमित क्लास भी ली।
कानपुर के नवाबगंज में कई दिनों से दहशत का पर्याय बन चुके तेंदुए को पकड़ने के लिए आगरा की टीम ने वीएसएसडी कॉलेज के जंगल से लेकर बैराज तक घंटों कांबिंग की। सुतली बम से धमाका कर तेंदुए को बाहर निकालने की कोशिश भी की।
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टीम ट्रैंकुलाइजर गन, जाल और कैचर के साथ तेंदुए को पकड़ने की फिराक में थी लेकिन वह बाहर नहीं आया। वीएसएसडी कॉलेज में दस दिन से घूम रहे तेंदुए को पकड़ने के लिए आगरा की टीम ने वन विभाग के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन को आगे बढ़ाया।
टीम ने सबसे पहले हॉस्टल और केमिस्ट्री लैब के बीच बने शौचालय के पास सुतली बम फोड़े। जब कोई चहलकदमी नहीं हुई तब टीम अंदर गई। इसके बाद शौचालय और पुलिया के नीचे जंगल में काफी दूरी तक सर्च किया। टीम ने हॉस्टल के आसपास छानबीन की।
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हालांकि यहां तेंदुआ के पदचिह्न नहीं मिले। रेसक्यू टीम ने बैराज के पास जाकर ड्रोन से भी निरीक्षण किया। कटरी व खंडहर में जाकर सर्च अभियान चलाया। आगरा से आई टीम में डॉ. आदित्यन, श्रेष्ठ पचौरी, अनुज, करमवीर, घनश्याम और ओमकार शामिल रहे।
आए छात्र, कक्षाएं शुरू
वीएसएसडी कॉलेज में सामान्य रूप से कक्षाएं संचालित हुईं। प्राचार्य डॉ. बिपिन चंद्र कौशिक ने बताया कि सोमवार को कॉलेज में छात्रों की संख्या पर्याप्त रही और शिक्षकों ने नियमित क्लास भी ली। तेंदुआ जिस क्षेत्र से निकल रहा है, उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है।