जबरन धर्म परिवर्तन मामले में युवती के फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में घिरी महिला अधिवक्ता ने थाने में बयान दर्ज कराने से इंकार करते हुए कोर्ट में देने की बात कही। पुलिस अब उसे नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने की बात कह रही है।
साथ ही अधिवक्ता की कॉल डिटेल के अलावा अन्य संपर्क सूत्रों को भी तलाशने में जुटी है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि अब तक जबरन धर्म परिवर्तन में फंसी युवितयों के फर्जी पहचान पत्र कहीं इसी अधिवक्ता के द्वारा तो नहीं बनाए गए।
नौबस्ता के मछरिया निवासी मुख्तार अहमद ने खुद को राहुल विश्वकर्मा बता हंसपुरम निवासी शटरिंग कारीगर की बेटी को प्रेमजाल में फसा लिया था। मुख्तार ने युवती से कोर्ट मैरिज की, जिसमें युवती का नाम बदलकर मरियम फातिमा रख लिया था।
उसके नाम के फर्जी दस्तावेज तैयार कर निकाह किया था। मामले में पुलिस ने युवती के पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि यह फर्जी दस्तावेज जाजमऊ निवासी महिला अधिवक्ता फातिमा ने बनवाए थे। अधिवक्ता ने 20 हजार रुपये लिए थे। इसी मामले में पुलिस ने बयान दर्ज कराने को महिला को थाने बुलाया था।