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Kanpur News: फुटवियर... शहर में लग सकतीं विदेश ब्रांड फैक्टरियां

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कानपुर। प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश फुटवियर, लेदर और नॉन लेदर क्षेत्र विकास नीति 2025 को मंजूरी दे दी है। इस नीति के लागू होने से कानपुर में विदेश ब्रांडों और उनकी कंपनियों के साथ साझा फैक्टरियां लग सकेंगी। नॉन लेदर फुटवियर क्षेत्र का व्यापक विकास हो सकेगा। अभी दिल्ली और चेन्नई इसका बड़ा हब हैं। कारोबारियों का कहना है कि फुटवियर क्षेत्र में पांच से सात साल में एक्सपोर्ट कई गुना बढ़ सकता है।
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कानपुर चमड़ा और चमड़ा उत्पादों का बड़ा केंद्र है। घरेलू-बाजार के साथ निर्यात भी बढ़ रहा है। पिछले साल 6500-7000 करोड़ का निर्यात किया गया। हालांकि नॉन लेदर फुटवियर में इसकी हिस्सेदारी बेहद सीमित है। लेकिन छोटे स्तर पर यहां पर नॉन लेदर जूता और चप्पल बनने लगे हैं। इन उत्पाद की कीमत 500-700 रुपये तक होती है। इसके उत्पादन में पर्यावरण की चिंता नहीं होती है। इन उत्पादों की मांग भी बढ़ रही है। इसके चलते ही पीयू, सिंथेटिक, माइक्रो फाइबर, पीवीसी, प्लास्टिक से बनने वाले जूतों की मांग बढ़ी है।

चर्म निर्यात परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र कुमार जालान का कहना है कि उप्र की नई नीति चमड़ा और गैर चमड़ा उत्पादों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। विदेशी कंपनियों के साथ साझा उपक्रम लग सकेंगे। कुशल श्रमिक तैयार हो सकेंगे। इससे घरेलू बाजार बढ़ने के साथ ही निर्यात बढ़ाने में भी मदद मिल सकेगी। विदेशी कंपनियां स्थानीय उद्यमियों के साथ उत्पाद तैयार कर सकेंगे। कानपुर-आगरा में दो मेगा पार्क प्रदेश सरकार के बजट में घोषित किए गए हैं।
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परिषद के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष जावेद इकबाल का कहना है कि नॉन लेदर फुटवियर की मांग लगातार बढ़ रही है। इनका बड़ा बाजार भी है। नई नीति से कानपुर को खासा लाभ होगा। इस नीति के तहत न केवल लेदर और नॉन-लेदर फुटवियर निर्माण इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि इससे जुड़ी सहायक इकाइयों जैसे बकल्स, जिप, सोल, इनसोल, लेस, केमिकल्स, डाइज, हील्स, थ्रेड्स, टैग्स और लेबल्स के निर्माण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

परिषद के सदस्य और निर्यातक यादवेंद्र सचान ने बताया कि यह नीति यूपी को लेदर के साथ-साथ नॉन-लेदर फुटवियर का बड़ा हब बना सकती है। स्किल ट्रेनिंग, मशीनरी आधुनिकी और पर्यावरण मंजूरी पर फोकस रहा तो अगले पांच से सात साल में यूपी का फुटवियर एक्सपोर्ट कई गुना बढ़ सकता है और उत्तर प्रदेश फुटवियर क्षेत्र में भारत का वियतनाम बन सकता है। दरअसल वैश्विक स्तर पर फुटवियर सेक्टर में वियतनाम सबसे आगे है। देश में दिल्ली और चेन्नई में नॉन लेदर फुटवियर का बड़ा काम है।
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