झींझक। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। सोमवार को झींझक स्टेशन पर रुकने वाली अधिकतर ट्रेनें घंटों देरी से पहुंचीं। इससे ठंड में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डाउन की रीवा एक्सप्रेस व ऊंचाहार एक्सप्रेस करीब चार घंटा लेट रही। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ लगी रही और लोग ट्रेनों का इंतजार करते रहे।
पिछले दो दिनों से सुबह के समय कोहरे की धुंध हो रही है। इधर शाम होते ही धुंध छाने लगती है। रात से लेकर सुबह तड़के तक घना कोहरा पड़ने के कारण रेल संचालन पर असर पड़ा है। लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से रेलवे स्टेशनों पर पहुंच रही है। कोहरे की वजह से दिल्ली हावड़ा रेल रूट पर कानपुर की ओर जाने वाली डाउन की लालगढ़ एक्सप्रेस रविवार देर रात अपने निर्धारित समय 12:29 बजे से 30 मिनट विलंब से पहुंची। सूबेदारगंज एक्सप्रेस निर्धारित समय 1:48 बजे से 1 घंटा 20 मिनट देरी से आई।
सोमवार सुबह रीवा एक्सप्रेस 2:19 बजे के बजाय 4 घंटे 30 मिनट विलंब से पहुंची, जबकि ऊंचाहार एक्सप्रेस सुबह 4:03 बजे के स्थान पर करीब 6 घंटे लेट रही। इसी तरह फफूंद कानपुर मेमू सुबह 6:23 बजे से 1 घंटा 25 मिनट, शिकोहाबाद कानपुर मेमू सुबह 8:35 बजे से 1 घंटा विलंबित रही। डाउन की आगरा लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह 9:13 बजे से करीब 3 घंटे देरी से पहुंची। डाउन मुरी एक्सप्रेस दोपहर 12:54 बजे से 2 घंटे विलंब से आई। डाउन महानंदा एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया जबकि डाउन गोमती एक्सप्रेस शाम 6 बजकर 9 मिनट से 1 घंटे 30 मिनट बिलंब रही।
इटावा की ओर जाने वाली अप की कानपुर इटावा मेमू सुबह 8:01 बजे से 1 घंटा 10 मिनट, गोमती एक्सप्रेस 8:34 बजे से 30 मिनट, मुरी एक्सप्रेस दोपहर 2:10 बजे से 1 घंटा और अप की महानंदा एक्सप्रेस 2:02 बजे से 1 घंटा विलंबित रही। ट्रेनों के लेट होने से स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को ठंड में घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं कानपुर, इटावा की ओर जाने वाले यात्री ट्रेनों के लेट होने पर अन्य साधनों से गंतव्य को रवाना हो गए। इस संबंध में टीआई फफूंद आलोक द्विवेदी ने बताया कि घने कोहरे के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है।