नोटबंदी से हो रही परेशानियों से निजात दिलाने के लिए पीएम मोदी की ओर से मांगी गई 50 दिन की मोहलत 28 दिसंबर को खत्म हो जाएगी। इससे पहले ही रिजर्व बैंक ने करेंसी की सप्लाई तेज कर दी है। रिजर्व बैंक का फोकस शहरी क्षेत्र के बाद अब ग्रामीण एरिया की ओर अधिक है। जिले के सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को प्रतिदिन प्रति बैंक 50 लाख रुपये से अधिक दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने और अधिक डिमांड करने की बात कही गई है।
पीएम मोदी की कानपुर रैली से दो दिन पहले शहर के सभी बैंकों में करेंसी झोंक दी गई थी। करीब 3500 करोड़ रुपये 17 दिसंबर को रिजर्व बैंक कानपुर आए थे। इस करेंसी से बैंकों को भरपूर कैश दिया गया और एटीएम फुल किए गए। चार दिन बाद ही करीब दो हजार करोड़ की करेंसी रिजर्व बैंक और आई। बैंकों के सूत्र बताते हैं कि इससे कैश का फ्लो बढ़ा। अधिकतर बैंकों में लोगों को 24,000 रुपये दिए जा रहे हैं। यही वजह है कि बैंकों से भीड़ छंट गई है। सूत्र बताते हैं कि रिजर्व बैंक का पूरा फोकस अब 500 और 100 रुपये की करेंसी बढ़ाने पर अधिक है। 20 दिसंबर को आई करेंसी में करीब 1500 करोड़ रुपये 500 और 100 के नोट हैं। बाकी 50, 20, 10 की करेंसी है।
चेस्ट भेज रहे हर दिन का आंकड़ा
खुद की बैंक में करेंसी की किल्लत न हो इसलिए करेंसी चेस्ट वाले बैंक अन्य बैंकों को कम सप्लाई करते थे। इस शिकायत के बाद रिजर्व बैंक ने सभी बैंक शाखाओं को डिमांड के मुताबिक करेंसी दिए जाने का आदेश दिया है। चेस्ट से इसकी रिपोर्ट भी ली जा रही है। इसकी निगरानी के लिए रिजर्व बैंक ब्रांचों से औचक पूछताछ भी कर रहा है।