इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों को राहत और सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त और डीआईजी ने सबसे पहले रामघाट, तुलसी घाट, राघव प्रयाग, जानकीकुंड और लंका तिराहे से नयागांव के टूटे पुल तक निरीक्षण किया। नयागांव पुल के दोनों छोर पर पहुंचकर बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। इसके बाद भरतकूप और कर्वी के राहत शिविरों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाएं देखीं।
48 घंटे में पूरा होगा नुकसान का सर्वे
मंडलायुक्त अजीत कुमार ने कहा कि बाढ़ की स्थिति गंभीर थी, लेकिन अब जलस्तर में कमी आ रही है। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राजस्व टीम को निर्देश दिए कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक मकान, दुकान और फसल का सर्वे 48 घंटे में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित को मुआवजे से वंचित नहीं किया जाएगा।
टूटे नयागांव पुल पर बनेगा वैकल्पिक रास्ता
नयागांव पुल के टूटने से प्रभावित आवागमन को लेकर मंडलायुक्त ने सेतु निगम से वैकल्पिक मार्ग का प्रस्ताव तलब किया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अस्थायी आवागमन शुरू कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी राजेश एस. ने कहा कि बाढ़ के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही। टूटे नयागांव पुल के दोनों ओर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है। किसी भी व्यक्ति को पुल के पास जाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राहत सामग्री के वितरण में पुलिस की मदद जारी है। अधिकारियों ने कहा कि राहत कार्य के दौरान कहीं भी जाम या अव्यवस्था नहीं होने दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट, एसडीएम कर्वी, सीएमओ और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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