अचानक बड़ी संख्या में महिलाओं के सड़क पर उतरने से मौके पर हड़कंप मच गया। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप था कि बाढ़ में उनके घर और घर में रखा अनाज बह गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी तीन दिन बीतने के बावजूद प्रशासन का कोई अधिकारी उनकी बस्तियों में हाल जानने नहीं पहुंचा। महिलाओं ने कहा कि उनके सामने खाने-पीने और रहने की समस्या खड़ी है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक राहत नहीं पहुंचाई गई।
स्वागत की तैयारी में जुटे होने का आरोप
महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के बजाय मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों में लगा हुआ है। उनका कहना था कि जिन परिवारों के घर और अनाज बाढ़ में बह गए, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री और प्रभावित परिवारों की मदद की मांग की।
अधिकारियों ने पहुंचकर कराया शांत
महिलाओं के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसील और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं से बातचीत कर उन्हें समझाया-बुझाया। इसके बाद महिलाओं को रैन बसेरा ले जाया गया, जहां उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने महिलाओं की समस्याओं को सुना और स्थिति को शांत कराया।