कंपनियों को जिन शहरों के लिए मंजूरी मिली थी, उसमें कई स्थानों के लिए विमान सेवा शुरू हुई लेकिन बाद में एयरपोर्ट पर सुविधाएं न होने से बंद कर दिया गया। मसलन अहमदाबाद, कोलकाता, हैदराबाद के लिए विमान सेवा शुरू होने के बाद बंद की गईं।
दोबारा विमान कंपनियों को कानपुर से सूरत, देहरादून, राजकोट, कोलकाता, पटना, वाराणसी, जयपुर, गोवा, अमृतसर के लिए सेवा शुरू करने की अनुमति मिल गई है। इसका शेड्यूल भी जारी हो गया है। मिशन उड़ान के तहत प्रदेश के चार शहरों के लिए घरेलू विमानें उड़ान भरेंगे।
कानपुर को चित्रकूट, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मुरादाबाद से जोड़ने के लिए भी विमान सेवा शुरू करनी है। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, गुजरात के सूरत, गांधी नगर, उत्तराखंड के देहरादून, महाराष्ट्र के पुणे, गोवा और पंजाब के लुधियाना के लिए विमान सेवा शुरू करने की मांग अधिक है।
नए टर्मिनल से होंगे फायदे
नए टर्मिनल को शुरुआती दौर में तीन विमानों को एक साथ खड़ा करने के हिसाब से बनाया जा रहा है। बाद में इसका विस्तार होगा, जिससे एक साथ छह विमान एप्रन में खड़े हो सकेंगे। यानी शुरुआत में तीन विमान ही एक समय पर आ सकेंगे।
अभी सिर्फ एक विमान ही आ पाता है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक नए टर्मिनल से प्रतिदिन 12 से 15 विमान आसानी से उड़ान भर सकेंगे। मौजूदा एयरपोर्ट इतना छोटा है कि एक विमान अगर एयरपोर्ट पर है, तो दूसरा हवा में चक्कर काटता रहता है।
नाइट लैंडिंग की सुविधा नहीं
अभी एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की सुविधा नहीं है। हाई मास्ट लाइटों और आईएलएस के उच्चीकरण से विमानों की नाइट लैंडिंग की सुविधा भी होगी। नए एयरपोर्ट की बिल्डिंग में 300 यात्रियों की क्षमता वाला दूसरा यात्री एसी प्रतीक्षालय बन रहा है। 150 वाहनों की पार्किंग का काम भी लगभग पूरा है।