कानपुर देहात। लंबे समय से लगातार जिपं अध्यक्ष की सीट पर कब्जा जमाए सपा को इस बार कुर्सी डगमगाती दिख रही है। चुनाव के ऐन वक्त पर पार्टी में अंतर्कलह चल रही है। सपा कार्यकर्ता तो सोशल मीडिया में इस कलह को लेकर पोस्ट डाल रहे हैं। कुछ ही दिनों पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर आए पांच जिला पंचायत सदस्य बगावत कर भाजपा सांसद के भाई से मिलने पहुंच गए। ये वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुई तो चर्चे होने लगे। भाजपा सांसद की बहू जिपं अध्यक्ष पद की दावेदार हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ती जा रही है। 26 जून को नामांकन होना है। जिले में सबसे बड़े के दल के रुप में सामने आई सपा भितरघातियों से कमजोर हो गई। पार्टी के अंदर चल रही अंतर्कलह को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कुछ दिन पहले सभी नव निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को लखनऊ बुलाया था।
इसमें जिलाध्यक्ष प्रमोद यादव व निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह यादव भी शामिल थे। कुल 13 जिला पंचायत सदस्य ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर पार्टी का जिला पंचायत अध्यक्ष चुनने का भरोसा दिया था। इसके कुछ ही दिन बाद एक फोटो सोशल मीडिया में वायरल हुई। फोटो कंचौसी स्थित सांसद देवेंद्र सिंह भोले के डिग्री कॉलेज की है। फोटो में पांच ऐसे सदस्यों के चेहरे दिख रहे हैं जो सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भरोसा देकर आए थे।
चर्चा है कि संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी लिए एक नेता व अन्य कद्दावर नेता के सहयोग से पांच सदस्य भाजपा सांसद के भाई राजेंद्र सिंह राजू से मुलाकात करने पहुंचे। कई जिला पंचायत सदस्य अंदरखाने से भाजपा सांसद के भाई के संपर्क में हैं। वहीं पार्टी के अंदर अंतर्कलह का अंदाजा सोशल मीडिया में वायरल हो रही पोस्ट से लगाया जा सकता है। इसमें जिलाध्यक्ष को कार्यकर्ता कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।
इसके पहले सात जून को माती कार्यालय में हुई पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी राम सिंह यादव ने पार्टी के कई नेताओं पर भितरघात का आरोप लगाया था। उन्होंने इसके साक्ष्य होने की बात कही थी। ऐसे हालात में निर्वतमान अध्यक्ष का हौसला और भी टूटता दिख रहा है। हालांकि सपा दमदारी से जिपं अध्यक्ष का चुनाव लड़ने का दम भर रही है। जिलाध्यक्ष प्रमोद यादव चुप्पी साधे हैं। उन्हें कई बार फोन किया गया लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।
तीन सदस्य देने का वायदा करने वाला खुद कर गया बगावत
कानपुर देहात। सात जून को माती स्थित सपा कार्यालय में बैठक के दौरान रसूलाबाद क्षेत्र के एक जिला पंचायत सदस्य ने तीन और सदस्यों से वोट दिलवाने का वादा पार्टी के प्रत्याशी से सार्वजनिक रूप से किया था। वहीं सांसद के कॉलेज की वायरल हुई फोटो में उसकी भी तस्वीर होने से पार्टी में चर्चा का विषय बन गया। सपा की टिकट पर जीतने व पार्टी से बगावत करने वाले कई सदस्य विपक्षी खेमे में पहुंच गए हैं। इससे राम सिंह यादव की लड़ाई कमजोर होती दिख रही है। राम सिंह यादव पार्टी के कई नेताओं पर इसका ठीकरा फोड़ रहे हैं।
भाजपा भी नहीं तय कर पा रही प्रत्याशी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा भी प्रत्याशी तय नहीं कर पा रही है। जबकि 26 जून को नामाकंन होना है। 29 को नाम वापसी की तिथि है। प्रत्याशी तय न हो पाने से भाजपा में भी सब कुछ ठीक न होने की चर्चा है। वहीं भाजपा सांसद देवेंद्र सिंह भोले के भाई राजेंद्र सिंह राजू की पत्नी नीरज रानी बिना किसी परवाह के चुनाव मैदान में कूद चुकी हैं। फिलहाल वह विपक्षी दलों पर भारी दिख रही हैं। हालांकि पार्टी उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाती है तो भी वह चुनाव लड़ेंगी ये अभी स्पष्ट नहीं है। पार्टी के पास केवल चार जिला पंचायत सदस्य हैं।