कानपुर। शहर में गुरुवार को कमिश्नरी लागू हुए पांच वर्ष पूरे हो गए। इस अवसर पर कमिश्नरी सभागार में चुनौतियां एवं भविष्य की राह विषय पर मंथन हुआ। कमिश्नरी लागू होने के बाद सामने आईं चुनौतियां, उनके समाधान और आवश्यक सुधार पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम में अधिवक्ता, पत्रकार, पुलिस अधिकारी, व्यापारी और समाजसेवियों ने भाग लेकर कमिश्नरी की उपलब्धियों के साथ-साथ कमियों पर भी खुलकर अपनी राय व्यक्त की।
उद्यमी बलराम नरुला ने साइबर अपराध को भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव ने कहा कि पुलिस व्यवस्था की सोच में बदलाव जरूरी है। वहीं, फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल ने कहा कि ट्रैफिक विभाग चालान और सीजर जैसी कार्रवाई तो कर रहा है लेकिन यातायात प्रबंधन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने व्यापारिक समस्याओं के समाधान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग रखी।
समारोह में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने सुझावों के बारे में कहा कि इस मंथन कार्यक्रम से अमृत और विष दोनों निकले हैं। समाज दर्पण की तरह होता है और इसमें दिखने वाली छवि वास्तविक होती है। उन्होंने माना कि कमिश्नरी से पुलिस की छवि में सुधार आया है, लेकिन अभी और सुधार की जरूरत है। उन्होंने लोगों के सुझाव से संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए निर्देश दिए। कार्यक्रम का संचालन एडिशनल पुलिस उपायुक्त लाइन्स शिवा सिंह ने किया। इस दौरान जेसीपी संकल्प शर्मा, डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।