छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में अंधेरगर्दी चल रही है। विवि से संबद्ध गौतमबुद्ध महाविद्यालय, रामपुरा औरैया में बीए के सात विषयों में पांच और बीएससी के पांच विषयों में मात्र तीन शिक्षक हैं। यहीं नहीं प्राचार्य की भूमिका भी संशय में है।
प्राचार्य की कुर्सी में बैठने वाले व्यक्ति की आयु 70 साल है। यह खुलासा आरटीआई में हुआ है। उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री पीएन शर्मा ने आरटीआई में यह जानकारी मांगी थी।
विवि के मानक के अनुसार एक विषय में एक प्रोफेसर, दो एसोसिएट प्रोफेसर और चार असिस्टेंट एसोसिएट प्रोफेसर होने चाहिए लेकिन गौतमबुद्ध महाविद्यालय की स्थिति एकदम उलट है। पीएन शर्मा ने कहा कि मौजूदा शिक्षकों में दो की सरकारी नौकरी लग चुकी है।
सब कुछ जानते हुए भी विवि मौन है। शर्मा ने बताया कि 13 जनवरी को आटीआई डाली थी। कैप्टन सुखवासी सिंह स्मारक जनता महाविद्यालय घाटमपुर और गणेश शंकर विद्यार्थी नर्वल कॉलेज के बारे में जानकारी अभी नहीं दी गई है। समय रहते सूचना नहीं मिली तो राज्य सूचना आयोग से शिकायत की जाएगी।