बीएस पार्क का पावर ट्रांसफार्मर खराब होने से जीएसवीएम मेडिकल कालेज से संबद्ध हैलट, बाल रोग चिकित्सालय, अपर इंडिया जच्चा - बच्चा अस्पताल, मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल और संक्रामक रोग चिकित्सालय में रविवार को दिनभर बिजली गुल रहने से हाहाकार मचा रहा। उमस भरी गर्मी में मरीज बेहाल हो गए।
तीमारदार हाथ से पंखा करते रहे लेकिन राहत नहीं मिली। अस्पताल प्रशासन ने हैलट में एक जेनरेटर चलवाकर आईसीयू, एनआईसीयू, इमरजेंसी और बर्न वार्ड के एसी चलवाए, पर लोड ज्यादा होने से आधे एसी बंद कराने पड़े। शर्मनाक बात यह कि डीजल के लिए पैसा न होने की बात कह कर दूसरा जेनरेटर चलाया ही नहीं गया।
पावर ट्रांसफार्मर खराब होने से शनिवार रात से ही बिजली गड़बड़ा गई थी। पांचों अस्पतालों की बिजली स्पेशल फीडर से जुड़ी है। इस फीडर से रात भर सप्लाई की गई लेकिन लोड बढ़ने पर सुबह स्पेशल फीडर से भी आपूर्ति रोक दी गई। फिर पांचों अस्पतालों में सुबह करीब 10:30 बजे बिजली गुल हो गई।
काफी देर बाद हैलट प्रशासन ने 55 केवीए का एक जेनरेटर चलवाकर आईसीयू, एनआईसीयू, इमरजेंसी और बर्न वार्ड में बिजली की आपूर्ति शुरू की। जेनरेटर पर लोड ज्यादा पड़ते देख आईसीयू, एनआईसीयू के आधे एसी बंद करा दिए गए।
बर्न वार्ड के दोनों एसी कूलिंग होने पर बंद कर दिए जाते, पर जैसे ही मरीजों को गर्मी लगने लगती, एसी फिर चालू किए जाते। यह क्रम दिनभर चलता रहा। इतनी ही क्षमता का दूसरा जेनरेटर न चलाने से वार्ड नंबर-एक, दो, 16,17 समेत ज्यादातर वार्डों में गर्मी और उमस की वजह से मरीज और तीमारदार दिनभर पसीना बहाते रहे।
आर्थोपेडिक विभाग के एसी वार्डों में मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत रही। तीमारदार हाथ वाले पंखों, दफ्ती से दिनभर हवा करते रहे। यही हालत हैलट से संबद्ध अन्य अस्पतालों की भी रही।
पानी को तरसे लाखों लोग
कानपुर। बृजेंद्र स्वरूप पार्क में पावर ट्रांसफार्मर फुंकने से स्पेशल फीडर भी लड़खड़ा गया। इससे भैरोघाट पंपिंग स्टेशन और बेनाझाबर स्थित जल कल विभाग मुख्यालय एवं वाटर वर्क्स की बिजली दोपहर 11 बजे गुल हो गई।
पंपिंग स्टेशन की बिजली तो दोपहर डेढ़ बजे आ गई, पर जल कल मुख्यालय और बेनाझावर वाटर वर्क्स की बिजली शाम पौने छह बजे आई। इन स्थानों की बिजली स्पेशल फीडर से जुड़ी है। बेनाझाबर वाटर वर्क्स में दिनभर बिजली गुल रही। इससे 10 लाख से ज्यादा लोग पानी के लिए तरसते रहे। सीसामऊ में रात पौने आठ बजे नलों से पानी आया।
कोपरगंज, सुतरखाना समेत कई मोहल्लों में लो-प्रेशर से जलापूर्ति हुई, जबकि गोविंद नगर, बाबूपुरवा में पानी पहुंचा ही नहीं। जल कल विभाग के महाप्रबंधक जवाहर राम ने बताया कि 31 तारीख को सुबह सामान्य रूप से जलापूर्ति होगी।
स्वरूप नगर, आर्य नगर, आरडी कॉलोनी, ईदगाह, बेनाझाबर कॉलोनी, जवाहर नगर, अशोक नगर के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। रविवार को सुबह से केस्को की टीम पावर ट्रांसफार्मर बदलने में जुट गई। कर्मचारियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर खोलने में रात हो जाएगी। इसे हटाने के बाद नया रखा जाएगा।
ईदगाह कॉलोनी निवासी प्रमोद विश्वकर्मा, संतोष निगम मरेश कुरील, सुहेब खान, मान सिंह और गोपाल मौर्या ने बताया कि सुबह बिजली न आने से टंकी में पानी नहीं भर पाए। ग्वालटोली निवासी प्रमोद तिवारी, अभय शर्मा और विनोद यादव ने बताया कि उमस से बैठना मुश्किल हो गया।
बेनाझाबर कॉलोनी निवासी मिथुन कुमार ने बताया कि सुबह एक घंटे लाइट आई थी। नवाबगंज डिवीजन के अधिशासी अभियंता शशांक अग्रवाल ने बताया कि पावर ट्रांसफार्मर बदलने के बाद सोमवार से बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।