जाजमऊ में जमीन के विवाद में शुक्रवार को बदमाशों ने कई राउंड फायरिंग की। इससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पांच हमलावरों को गिरफ्तार कर हथियार बरामद किए हैं। जाजमऊ निवासी खाद कारोबारी शमशाद ने बताया कि हाल ही में उन्होंने वाजिदपुर प्योंदी मे 22 बीघा जमीन खरीदी है जिस पर उनका खाद का काम होता है।
शमशाद ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को वह अपने खाद कारखाने पर थे तभी पीपीएन कालेज का पूर्व अध्यक्ष फैजान अपने 8-10 साथियों साथ आया और जमीन खाली करने को कहा। शमशाद के इंकार करने पर फैजान के साथ आए युवकों ने फायरिंग कर दी। आसपास के लोगों ने दौड़ाकर हमलावरों को पकड़ लिया और कंट्रोल रूम फोन कर दिया।
पुलिस ने पांच हमलावरों को हिरासत में ले लिया। इंस्पेक्टर चकेरी एके सिंह ने बताया कि जमीन के पुराने विवाद में हंगामा, फायरिंग हुई है। मौके से ग्वालटोली निवासी मुशर्रफ, राजू, शिवम कोरी, मीरपुर निवासी रमजानी और बजरिया निवासी जाहिद को गिरफ्तार किया गया है।
शमशाद ने अकबर, फैजान, अंसार के खिलाफ तहरीर दी है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वह खाद खरीदने आए थे। वहीं आरोपी अकबर का कहना है कि उसका इस घटना से कोई वास्ता नहीं है। इस पूरे खेल के पीछे एक हिस्ट्रीशीटर और उनके रिश्तेदार सपा नेता हैं। जिस जमीन को शमशाद अपनी बता रहे हैं उसका कोर्ट से स्टे है।
दोनों पक्षों से सपा नेता और हिस्ट्रीशीटर
जमीन के इस विवाद में दोनों पक्षों से सपा नेता पर्दे के पीछे से लड़ाई लड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि चकेरी के एक हिस्ट्रीशीटर ने शमशाद को आगे करके यह विवादित जमीन खरीदवाई। जिस फैजान का नाम शमशाद ने तहरीर में दिया है वह सपा नगर अध्यक्ष महताब आलम के भाई गोगी का दामाद बताया जा रहा है। शमशाद को मोहरे के तौर पर इस्तेमाल करने वाले हिस्ट्रीशीटर के बेटे की शादी सपा नेता हसन रूमी की बेटी से तय है।
करोड़ों की जमीन का है विवाद
वजिदपुर प्योंदी की 22 बीघा जमीन का पूरा विवाद है। अकबर के मुताबिक इस जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट अकबर के पास है, लेकिन रजिस्ट्री को लेकर कोर्ट में मामला विचाराधीन है। अकबर के मुताबिक उक्त जमीन पर उनके पास यथास्थिति बनाए रखने का कोर्ट का आदेश है बावजूद इसके शमशाद ने जमीन खरीदी है।